Extra Marital Affairs Women: 34-38 की उम्र में महिलाएं अफेयर क्यों करती हैं? रिलेशनशिप कोच ने खोली पोल

Extra Marital Affairs Women: शादी के 10-12 साल बाद महिलाओं का अफेयर: 34 से 38 की उम्र में ये वजहें सबसे बड़ी

Extra Marital Affairs Women: आज के समय में रिश्तों की बात करें तो एक खास उम्र में महिलाओं के अफेयर करने की खबरें या अनुभव बहुत सुनने को मिलते हैं। खासकर 34 से 38 साल की उम्र में कई महिलाएं ऐसे फैसले लेती दिखती हैं, जो बाहर से गलत लगते हैं, लेकिन अंदर से गहरी वजहें होती हैं। रिलेशनशिप कोच और काउंसलर इस बारे में खुलकर बात करते हैं। वे कहते हैं कि यह सिर्फ शारीरिक आकर्षण या बोरियत की बात नहीं है। ज्यादातर मामलों में यह भावनात्मक खालीपन, अनदेखी होने का दर्द और खुद की वैल्यू को फिर से महसूस करने की चाहत से जुड़ा होता है। आइए, आम भाषा में समझते हैं कि एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं।

शादी के सालों बाद रिश्ता ‘रूटीन’ बन जाता है/Extra Marital Affairs Women

जब शादी को 8-12 साल हो जाते हैं, तो ज्यादातर कपल्स का रिश्ता एक मशीन की तरह चलने लगता है। सुबह उठो, बच्चों को स्कूल भेजो, ऑफिस जाओ, घर लौटो, खाना बनाओ, सो जाओ। इसमें प्यार भरी बातें, सरप्राइज, ध्यान देना, सराहना करना – ये सब धीरे-धीरे कम हो जाता है। रिलेशनशिप कोच प्रतिक्षा कहती हैं कि इस उम्र में महिलाएं महसूस करती हैं कि वे सिर्फ ‘घर चलाने वाली’ या ‘बच्चों की मां’ बनकर रह गई हैं। उनकी अपनी भावनाओं, सपनों और जरूरतों को कोई नहीं पूछता।

पति अक्सर कहते हैं – “तू तो घर संभालती है, सब ठीक है न?” लेकिन महिला को लगता है कि उसकी भावनात्मक जरूरतें अनसुनी रह गई हैं। वह चाहती है कि कोई उसकी बात सुने, उसकी तारीफ करे, उसे महत्वपूर्ण महसूस कराए। जब घर में यह नहीं मिलता, तो बाहर कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाता है जो उनकी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देता है। यही भावनात्मक कनेक्शन अफेयर की शुरुआत करता है।

इंटिमेसी और रोमांस का गायब होना

शादी के शुरुआती सालों में रोमांस, स्पर्श, प्यार भरी नजरें सब कुछ होता है। लेकिन समय के साथ यह सब मैकेनिकल हो जाता है। सेक्स भी जिम्मेदारी जैसा लगने लगता है, न कि प्यार का इजहार। इस उम्र में महिलाओं के हार्मोनल बदलाव भी शुरू हो जाते हैं, जो उनकी इच्छाओं और मूड को प्रभावित करते हैं। वे फिर से वो रोमांच, वो स्पार्क महसूस करना चाहती हैं, जो सालों से गायब है।

कोच बताते हैं कि अफेयर ज्यादातर इमोशनल इंटिमेसी से शुरू होता है। कोई व्यक्ति उनकी बातें सुनता है, उनकी तारीफ करता है, उन्हें समझता है – यही चीज उन्हें फिर से ‘जिंदा’ महसूस कराती है। शारीरिक संबंध बाद में आते हैं, लेकिन जड़ भावनात्मक होती है।

खुद को फिर से ढूंढने का दौर

34-38 की उम्र महिलाओं के लिए बहुत खास होती है। इस उम्र तक वे मां बन चुकी होती हैं, करियर में जगह बना चुकी होती हैं, लेकिन अचानक सवाल उठता है – “मैं कौन हूं? सिर्फ पत्नी और मां बनकर तो मैं पूरी नहीं हूं।” बच्चे बड़े हो जाते हैं, घर की जिम्मेदारियां थोड़ी कम होती हैं, और उन्हें खुद के लिए समय मिलता है।

वे जिम जाती हैं, योगा क्लास लेती हैं, सोशल सर्कल बढ़ाती हैं। वहां नए लोग मिलते हैं। अगर कोई उन्हें खूबसूरत, स्मार्ट, मजेदार कहता है, तो यह उनके लिए नया अनुभव होता है। घर में सालों से यही सुनती आई हैं – “खाना बना दो”, “बच्चों को देखो”। बाहर मिलने वाला वैलिडेशन उन्हें अच्छा लगता है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह ‘सेल्फ-डिस्कवरी’ का समय होता है, जहां महिलाएं अपनी इंडिपेंडेंट पहचान वापस चाहती हैं। अफेयर उन्हें यह एहसास दिलाता है कि वे अभी भी आकर्षक और महत्वपूर्ण हैं।

जीवन के दबाव और समाज का बोझ

इस उम्र में महिलाओं पर कई तरह के दबाव होते हैं – करियर में आगे बढ़ना, बच्चों की अच्छी पढ़ाई, घर संभालना, उम्र बढ़ने का डर, बॉडी इमेज का प्रेशर। अगर घर में सपोर्ट न मिले, तो वे अकेलापन महसूस करती हैं। कई बार पति भी अपने काम में व्यस्त होते हैं, और बातचीत सिर्फ घरेलू मुद्दों तक रह जाती है।

कोच की सलाह है कि अफेयर कभी सही नहीं होता, लेकिन इसे समझना जरूरी है। यह betrayal से ज्यादा ‘भावनात्मक भूख’ का नतीजा है। महिलाएं अक्सर सोचती हैं – “मैंने इतने साल सबके लिए जीया, अब मेरे लिए भी कुछ होना चाहिए।”

अफेयर के बाद क्या होता है?

अफेयर से शुरुआत में अच्छा लगता है, लेकिन बाद में गिल्ट, डर और रिश्ते में और दरार आ जाती है। कई महिलाएं बाद में पछताती हैं और शादी बचाने की कोशिश करती हैं। कुछ मामलों में तलाक तक बात पहुंच जाती है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है – ओपन कम्युनिकेशन। पति-पत्नी को नियमित रूप से अपनी फीलिंग्स शेयर करनी चाहिए। डेट नाइट रखें, छोटे-छोटे सरप्राइज दें, एक-दूसरे की तारीफ करें। अगर रिश्ता पहले से खराब है, तो काउंसलिंग लें। थेरपी आजकल बहुत नॉर्मल हो गई है और यह रिश्तों को बचा सकती है।

अंत में एक बात

34-38 की उम्र महिलाओं के लिए ट्रांजिशन पीरियड है। वे न सिर्फ परिवार चलाना चाहती हैं, बल्कि खुद को भी जीना चाहती हैं। अगर पार्टनर उनकी इस जरूरत को समझे, साथ दे, तो अफेयर जैसी स्थिति आने की नौबत ही नहीं आती। रिश्ता तभी मजबूत होता है जब दोनों एक-दूसरे को भावनात्मक रूप से भरपूर सपोर्ट करें।

Disclaimer- इस खबर को सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है, यहां पर दी गई जानकारी की News Nation Bharat पुष्टि नहीं करता है, इसलिए अधिक जानकारी पाने के लिए विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सलाह जरूर लें।

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