Sheikh Hasina vs Yunus Power : बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका (Dhaka) एक बार फिर राजनीतिक अशांति की चपेट में है। नोबेल पुरस्कार विजेता और मौजूदा प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस (PM Mohammad Yunus) की सरकार के खिलाफ आवामी लीग (Awami League) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार को शुरू हुआ विरोध देखते ही देखते हिंसा में बदल गया बसों में आगजनी, पांच धमाके और कई इलाकों में पुलिस पर पथराव की खबरें सामने आई हैं। हालात इतने बिगड़े कि सरकार को सेना और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGP) की तैनाती करनी पड़ी। लेकिन सवाल यही है कि क्या यूनुस सरकार के खिलाफ यह आंदोलन एक और राजनीतिक तख्तापलट की शुरुआत है?
ढाका में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन

बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका (Dhaka) गुरुवार (13 नवंबर) को हिंसा की चपेट में तब आई, जब आवामी लीग (Awami League) के कार्यकर्ताओं ने यूनुस सरकार (Yunus Government) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। ‘प्रथम आलो’ (Prothom Alo) की रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत कमालपुर स्टेशन (Kamalpur Station) और गोपालगंज (Gopalganj) पीडब्ल्यूडी ऑफिस के बाहर हुई थी। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने दो बसों में आग लगा दी और यह विरोध राजधानी के अन्य इलाकों में फैल गया। कुछ ही घंटों में ढाका के पांच स्थानों पर धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। हालात काबू से बाहर होते देख सरकार ने राजधानी और मेमन सिंह (Mymensingh) जैसे शहरों में सेना को तैनात कर दिया है।
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का फैसला बना चिंगारी
13 नवंबर को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के खिलाफ सुनवाई का पहला फैसला आने वाला था। हसीना के समर्थकों को आशंका थी कि अदालत का फैसला उनके खिलाफ जा सकता है, जिससे उनकी देश वापसी पर स्थायी रोक लग सकती है। यही डर आवामी लीग के कार्यकर्ताओं के गुस्से में बदल गया। जुलाई 2024 के विद्रोह के दौरान हसीना पर मानवता विरोधी अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। कहा गया कि उनके आदेश पर पुलिस ने भीड़ पर गोली चलाई, जिसमें कई लोगों की मौत हुई। अब जब हसीना खुद देश से बाहर हैं, उनके समर्थक यूनुस सरकार के खिलाफ खुलकर मैदान में उतर आए हैं।
हसीना का पलटवार, यूनुस सरकार का जवाब
दिल्ली (Delhi) में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने मौजूदा यूनुस सरकार (Yunus Government) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “वर्तमान सरकार अमेरिका (US) की कठपुतली है और देश की संप्रभुता खतरे में है।” उनके बयान ने बांग्लादेश की सियासत में हलचल मचा दी। वहीं, यूनुस सरकार के प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि यह हिंसा योजनाबद्ध रूप से भड़काई जा रही है। सरकार का दावा है कि हसीना अपने राजनीतिक हितों के लिए देश को एक बार फिर हिंसा की आग में झोंक रही हैं। प्रवक्ता ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
सेना की तैनाती और 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां
ढाका (Dhaka) में बिगड़ते हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक आवामी लीग कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGP), सेना और पुलिस बल राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों में सड़कों पर तैनात हैं। खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी आतंकी या राजनीतिक साजिश को समय रहते रोका जा सके। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है। विश्लेषक मानते हैं कि अगर हिंसा का दायरा बढ़ा, तो यह यूनुस सरकार के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकती है।










