Zelenskyy Diplomacy Push Before Trump Meeting: यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelenskyy) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) से प्रस्तावित मुलाकात से ठीक पहले कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। कनाडा (Canada) पहुंचने के बाद जेलेंस्की ने नाटो (NATO) और यूरोपीय संघ (European Union) के शीर्ष नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अहम बातचीत की। इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर साझा रणनीति, सैन्य समर्थन और कूटनीतिक दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। जेलेंस्की ने साफ संकेत दिया कि रूस (Russia) को युद्ध के “न्यायसंगत अंत” से बचने नहीं दिया जा सकता। आखिर इस बैठक में किन नेताओं ने क्या कहा, रूस को लेकर जेलेंस्की का रुख कितना सख्त रहा और ट्रंप से मुलाकात से पहले यह संवाद क्यों अहम है चलिए समझते हैं….
ट्रंप से मुलाकात से पहले सक्रियता/Zelenskyy Diplomacy Push Before Trump Meeting
वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) की यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय पर सामने आई है, जब फ्लोरिडा (Florida) में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। कनाडा पहुंचने के बाद जेलेंस्की ने नाटो (NATO) और यूरोपीय संघ (European Union) के नेताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाद किया, ताकि पश्चिमी समर्थन को एकजुट रखा जा सके। यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर बदलते राजनीतिक संकेतों के बीच यह बैठक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जेलेंस्की का प्रयास स्पष्ट है—ट्रंप से बातचीत से पहले यूरोप और नाटो को एक साझा रुख पर बनाए रखना, ताकि रूस पर दबाव कम न हो और यूक्रेन को मिलने वाला समर्थन कमजोर न पड़े।

रूस के खिलाफ सख्त रुख की अपील
बातचीत के दौरान जेलेंस्की (Zelenskyy) ने रूस (Russia) और राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (President Vladimir Putin) को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुतिन को युद्ध के “वास्तविक और न्यायसंगत अंत” से बचने या उसमें हेरफेर करने से रोकना बेहद जरूरी है। इसके लिए सैन्य मोर्चे और कूटनीतिक स्तर—दोनों जगह मजबूत रुख अपनाना होगा। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कदम ही रूस को रोक सकते हैं। उन्होंने विश्व नेताओं से आग्रह किया कि यूक्रेन को दिया जा रहा समर्थन निरंतर और एकजुट बना रहे। यह बयान ऐसे समय आया है, जब युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाधान की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन यूक्रेन किसी भी कमजोर समझौते के पक्ष में नहीं दिख रहा।
यूरोप और नाटो का समर्थन
इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में यूरोप के कई शीर्ष नेता शामिल हुए, जिन्होंने यूक्रेन के प्रति समर्थन दोहराया। बैठक में फ्रांस (France) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (President Emmanuel Macron), जर्मनी (Germany) के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Chancellor Friedrich Merz), इटली (Italy) की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी (PM Giorgia Meloni), डेनमार्क (Denmark) की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (PM Mette Frederiksen), पोलैंड (Poland) के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क (PM Donald Tusk) सहित कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (Antonio Costa), यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) और नाटो महासचिव मार्क रुट्टे (Mark Rutte) भी शामिल हुए। नेताओं ने यूक्रेन की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
ट्रंप मीटिंग के बाद भी संवाद जारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए जेलेंस्की (Zelenskyy) ने कहा कि दुनिया के पास शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त शक्ति है, जरूरत है तो बस एकजुट और मजबूत फैसलों की। उन्होंने बताया कि बातचीत में राजनयिक मोर्चे पर हुई प्रगति और प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई है। जेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप (Donald Trump) से मुलाकात के बाद भी नाटो और यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ संवाद जारी रहेगा। फिलहाल, यह कूटनीतिक सक्रियता संकेत देती है कि यूक्रेन रूस पर दबाव बनाए रखने और पश्चिमी समर्थन को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है।










