जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्डों के आतंक से मरीज व तीमारदार हुए परेशान

ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य रायबरेली के जिला अस्पताल में तैनात किए गए सुरक्षा गार्डो का आतंक देखने को लगातार मिल रहा है। बीते एक मे सुरक्षा गार्डों ने अस्पताल में उत्पात मचा रखा है। कभी शराब पीकर हंगामा करना तो कभी कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से अभद्रता करना, तो कभी बेवजह है मरीज के पास जाने वाले त

Apr 26, 2025 - 15:13
Updated: 1 year ago
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ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य

रायबरेली के जिला अस्पताल में तैनात किए गए सुरक्षा गार्डो का आतंक देखने को लगातार मिल रहा है। बीते एक मे सुरक्षा गार्डों ने अस्पताल में उत्पात मचा रखा है। कभी शराब पीकर हंगामा करना तो कभी कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से अभद्रता करना, तो कभी बेवजह है मरीज के पास जाने वाले तीमारदारों को रोकना लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। जिस कार्य के लिए तैनात किया गया है वह कार्य न करके सीएमएस की चापलूसी और उनके आगे पीछे लगे रहते हैं। सेना के नियुक्त गार्ड्स मरीजों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और अब पत्रकारों को भी धमकियां दे रहे हैं। इसके कई वीडियो वायरल हुए हैं।

दअरसल शनिवार को जिला अस्पताल में निरीक्षण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा निदेशक पिंकी जोयल यहां पहुंची थी और अस्पताल का निरीक्षण किया इस दौरान कुछ भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर सीएमएस के खिलाफ शिकायती पत्र दिया तो आगे पीछे घूमने वाले सुरक्षा गार्ड भड़क गए और अनाप सनाप बकने लगे, जिसका मौजूद पत्रकारनो वीडियो बना लिया और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गार्ड्स बेरहमी से पीटते हैं। इतना ही नहीं, वे खुलेआम धमकियां भी देते हैं। गार्ड्स ने अब पत्रकारों को भी अपना निशाना बना लिया है। उनका कहना है कि अगर कोई पत्रकार अस्पताल में खबर लेने आएगा, तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा।सरकार ने अस्पतालों की सुरक्षा के लिए सेना के पूर्व जवानों को गार्ड के रूप में नियुक्त किया था। लेकिन ये गार्ड्स अपनी जिम्मेदारी को भूलकर अस्पताल को अपना निजी क्षेत्र समझ रहे हैं। उनका यह व्यवहार सरकार की इस पहल के उद्देश्य के विपरीत है। जहां सेना के जवान सीमा पर देश की रक्षा कर गौरव का विषय हैं, वहीं इन पूर्व सैनिकों का यह व्यवहार चिंता का विषय बन गया है। भाजपा के नेता संतोष पांडे ने बताया कि यह सुरक्षा गार्ड नहीं यह पूरी तरह से गुंडे हैं, जो गुंडे पर उतारू है। आम जनमानस को और मरीजों को कूड़ा कचरा समझते हैं। आशीष पाठक विश्व हिंदू युवा वाहिनी ने बताया कि वह जिला अस्पताल में आई निदेशक को सीएमएस के खिलाफ शिकायत करने गए थे, तभी उनसे गार्ड मारपीट पर उतारू हो गए थे समय पर अगर कोतवाली पुलिस ना पहुंचती, तो बड़ी घटना भी हो सकती थी अगर जिला अस्पताल के सुरक्षा गार्ड्स ने अपना रवैया नहीं बदला तो इसकी शिकायत उच्च स्तरीय अधिकारियों से की जाएगी।

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