फर्जी फोन पे एप का इस्तेमाल कर दुकानदार से ठगी करने वाले दो गिरफ्तार

बरेली के बाजार में जाकर खरीददारी करने के बाद फोन पे की तरह हुबहु दिखने वाले एप से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री दिखाते थे यह लोग यही काम इन दोनों ने गुरुवार को फतेहगंज पूर्वी में एक मेडिकल की दुकान पर किया था बरेली पुलिस ने मेडिकल संचालक की शिकायत पर थाना फतेहगंज पूर्वी से पकड़े दो अभियुक्त बरेली पुलिस के

Apr 18, 2025 - 12:55
Updated: 1 year ago
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बरेली के बाजार में जाकर खरीददारी करने के बाद फोन पे की तरह हुबहु दिखने वाले एप से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री दिखाते थे यह लोग

यही काम इन दोनों ने गुरुवार को फतेहगंज पूर्वी में एक मेडिकल की दुकान पर किया था

बरेली पुलिस ने मेडिकल संचालक की शिकायत पर थाना फतेहगंज पूर्वी से पकड़े दो अभियुक्त

बरेली पुलिस के द्वारा साईबर अपराधियों/ठगी करने वालो पर अंकुश लगाने हेतु चलाये जा रहें अभियान में पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के कुशल नेतृत्व में फतेहगंज पूर्वी पुलिस की टीम द्वारा कस्वा फतेहगंज पूर्वी में फोन पे की तरह हुबहु दिखने वाले फर्जी एप का इस्तेमाल कर खरीदारी कर दुकानदार से ठगी करने वाले समर्थ सिंह उर्फ क्रिस तोमर पुत्र आदित्य कुमार उम्र करीब 19 वर्ष दुसरा अभियुक्त चाणक्य नईर उर्फ आदि गुप्ता पुत्र भारत भूषण उम्र करीब 19 वर्ष मौहल्ला महादेव कस्वा थाना कोतवाली फरीदपुर बरेली को हिरासत में लिया है।

गुरुवार को बाजार जनूबी कस्वा थाना फतेहगंज पूर्वी के रहने वाले संयम प्रियदर्शी पुत्र स्वo पंकज प्रियदर्शी ने बरेली पुलिस से शिकायत की थी। जिसके आधार पर इन दोनों को हिरासत में गहन पूछताछ की जिसमें इन्होंने इस एप को देने वाले एक और अभियुक्त का युवराज सिंह चौहान उम्र करीब 20 वर्ष के बारे में बताया है पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए है।

इस तरह करते थे यह अपराध

पुलिस हिरासत में लिय गये अभियुक्त समर्थ सिंह और चाणक्य नईर से जब सख्ती से पूछताछ की गयी तो बताया कि साहब हम और हमारा दोस्त युवराज सिंह फोन पे एप की तरह हुबाहु दिखने वाला फर्जी एप चलाते है। उस फर्जी एप के माध्यम से किसी भी दुकानदार या जिस व्यक्ति को किसी सामान या काम के बदले पैसे देने होते है, उसी फर्जी फोन पे एपके माध्यम से उस दुकानदार या व्यक्ति का क्यू आर कोड स्कैन कर उसको पैसे डालते है। उक्त ट्राजेक्शन बिल्कुल असली लगता है जब कि वास्तव मे कोई ट्रांजेक्शन हुआ ही नही होता है, और दुकानदार या उस व्यक्ति को लगता कि पैसा उसके खाते में आ गये है। यही काम हमने कल कस्वा फतेहगंज पूर्वी में एक मेडिकल की दुकान पर किया था। जिसके बाद इनकी शिकायत पुलिस से की गई और आज इनकी गिरफ्तारी की गई है।

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