बेसिक शिक्षा विभाग की वार्षिक परीक्षा बनी मजाक

परीक्षा के अंतिम दिन बुधवार को प्रथम पाली में गृह शिल्प और कृषि की परीक्षा और द्वितीय पाली में खेल और स्काउट गाइड की परीक्षा हुई। जिसमें प्रथम पाली की परीक्षा का समय दो घंटा और द्वितीय पाली में परीक्षा का समय ढाई घंटा लिखा हुआ है। परीक्षा के अंतिम दिन अधिकारियों ने प्रश्नपत्र में जबरदस्त खेल किया।

Mar 27, 2024 - 08:04
Updated: 2 years ago
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परीक्षा के अंतिम दिन बुधवार को प्रथम पाली में गृह शिल्प और कृषि की परीक्षा और द्वितीय पाली में खेल और स्काउट गाइड की परीक्षा हुई। जिसमें प्रथम पाली की परीक्षा का समय दो घंटा और द्वितीय पाली में परीक्षा का समय ढाई घंटा लिखा हुआ है।

परीक्षा के अंतिम दिन अधिकारियों ने प्रश्नपत्र में जबरदस्त खेल किया। एक ही प्रश्न पत्र में दो विषयों के प्रश्न जोड़ दिए। एक ही पेपर में कृषि और गृह विज्ञान विषय के प्रश्न देखकर शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कृषि विषय की परीक्षा बालकों के लिए और गृह विज्ञान की परीक्षा बालिकाओं के लिए होती है। एक ही पेपर में दो विषय देखकर बच्चों का सिर चकरा गया। प्रथम पाली में परीक्षा का समय दो घंटा लिखा था जबकि परीक्षा ढाई घंटे की थी।

यही गलती दूसरी पाली में हुई एक ही प्रश्न पत्र में दो विषय सम्मिलित कर दिए गए और स्काउट गाइड दोनों विषय के प्रश्न एक ही पेपर में देखकर बच्चों को उत्तर लिखने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए कक्षा 1 से 8 की परीक्षा की कोई अहमियत नहीं है। यह बात ऐसे साबित होती है कि परीक्षा की अंतिम दिन स्कूल में परीक्षा चल रही है और शिक्षक शिक्षिकाओं को बीआरसी में आउट ऑफ स्कूल विषय पर ट्रेनिंग लगा दिया गया। एक ओर शिक्षक स्कूल में परीक्षा करवा रहे हैं और उसी शिक्षक का नाम बीआरसी पर ट्रेनिंग में चल रहा है। ट्रेनिंग हवा में चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परीक्षा, बच्चे और शिक्षकों की चिंता से ज्यादा ट्रेनिंग में खर्च होने वाले बजट की चिंता है।

परीक्षा के दिनों में ही बीआरसी पर ट्रेनिंग लगा दी गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है की 27 तारीख को परीक्षा समाप्त होने के बाद 28 तारीख में परीक्षा पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, अंकों का वितरण, अंक पत्र बनाना आदि कार्य मात्र एक दिन में करने हैं। 28 और 29 की छुट्टी के बाद 30 तारीख को परीक्षा फल वितरण करना है। बीईओ द्वारा 27, 28, 29 की बीआरसी पर ट्रेनिंग लगी होने के कारण भगवान जाने परीक्षा कौन कराएगा, कॉपी कौन चेक करेगा, रिजल्ट कौन बनाएगा और परीक्षा फल वितरण कौन करेगा। इसका जवाब तो जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ही दे सकते हैं, क्योंकि उन्हें के निर्देशन पर बजट खपाने के लिए बी ई ओ द्वारा बीआरसी पर ट्रेनिंग करवाई जा रही हैं। एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमारी समस्या सुनने वाला कोई नहीं हमारे स्कूल में परीक्षा चल रही है और हमारी ड्यूटी बी आर सी ट्रेनिंग में लगा दी गई है। कल दिन बुधवार को कॉपी चेक करके परीक्षाफल बनाना है जबकि हमारी ड्यूटी बी आर सी ट्रेनिंग पर लगा दी गई है। 29 तारीख को गुड फ्राइडे का अवकाश है इस दिन भी बीआरसी पर ट्रेनिंग लगा दी गई है। हमारी समस्या, दर्द और हमारी मजबूरी कोई नही सुनता और समझता।

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