डलमऊ तहसील के लेखपाल के खिलाफ प्रधान को अवैध खनन की शिकायत डीएम से करना पड़ा भारी

लेखपाल ने तहसील अधिकारियों के साथ मिलकर गिरवाये पीड़ितों के मकान

रायबरेली के कलेक्ट्रेट स्थित डीएम ऑफिस में ग्रामीणों ने लेखपाल व अन्य अधिकारियों का खिलाफ किया प्रदर्शन और तहसील के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ, डलमऊ तहसील में,तैनात अधिकारियों की इस कदर मनमानी और दबंगई चल रही हैं, कि योगी सरकार के आदेशों की हवा हवाई उड़ा रहे हैं और छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों ने सोमवार को अधिकारियों व क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ भूमिधारी जमीनों पर बने घरों को गिराए जाने के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन कर डीएम को शिकायती पत्र दिया है और भ्रष्ट महिला लेखपाल को हटाए जाने की मांग की गई है।

यहां जिले के डलमऊ तहसील क्षेत्र के रहने वाले दर्जनों ग्रामीणों ने सोमवार को सुबह अधिकारियों के दफ्तरों के खुलते ही सोहवल दीपेमऊ गांव के रहने वाले ग्राम प्रधान रमेश कुमार ने डीएम कार्यालय पहुंचकर डलमऊ तहसील के अधिकारियों व लेखपाल नम्रता सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया है और डीएम से शिकायत कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रधान प्रतिनिधि वीर बहादुर सिंह ने बताया कि बिना किसी नोटिस तथा बिना सूचना के ही,नायब तहसीलदार वीरेंद्र, क़ानून गो हनुमान, लेखपाल नम्रता सिंह, पुलिस को ले जाकर उनके घरों को गिरा दिया। पीड़ित ने बताया कि लेखपाल नम्रता सिंह के खिलाफ अवैध खनन किए जाने की शिकायत डीएम से की गई थी। जिसको लेकर उनके घरों को तहसील के अधिकारियों द्वारा पुलिस बल के साथ पहुंचकर गिरवाया गया है। जबकि पीड़ित ने कहा कि उनके पास इस जमीन के सारे दस्तावेज लीगल है। फिर भी दबंगई के बल पर पुलिस को ले जाकर उनके मकानों को गिरवा दिया गया है। लेखपाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि खनन माफियाओं से सांठ गांठ कर वसूली करने के आरोप लगाया है।और कहा जनता से बेईमानी करती हैं। डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में लेखपाल व तहसील के अधिकारियों पर डीएम से ग्रामीण पीड़ितों ने कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कहा कार्रवाई नहीं होगी तो आगे भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर शिकायत की जाएगी।

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