ब्यूरो रिपोर्ट : वंश बहादुर सिंह
रायबरेली के सिटी कार्ड के सामने आवागमन मार्ग में नहर की जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे का मामला गरमाया हुआ है। मोहल्ले वासियों का गुस्सा फूट पड़ा है, और उन्होंने रास्ता कब्जा मुक्त करने की मांग की है। मामला पुलिस तक पहुंच चुका है, लेकिन कार्रवाई में देरी से लोग नाराज हैं। दबंगों ने नहर की सरकारी जमीन पर कब्जा कर विवेकानंद कोचिंग के पास ईंटों का ढेर और वाहन खड़ा कर रखा है। उनका मकसद अवैध निर्माण करना है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि दबंग के परिवार में पुलिसकर्मी होने के कारण वह आए दिन धमकियां देते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले नहर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दबंग को चेतावनी दी थी कि सरकारी जमीन पर कोई निर्माण नहीं होगा, लेकिन दबंग ने इसे अनदेखा कर ईंटें और सामग्री जबरन रखी हुई है।

मोहल्ले वासियों का कहना है कि यदि निर्माण हो गया, तो आवागमन का रास्ता बंद हो जाएगा, और आपात स्थिति में एम्बुलेंस जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी। सरकार ने सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, फिर भी पुलिस निष्क्रिय दिख रही है। नगर मजिस्ट्रेट ने नायब तहसीलदार और कोतवाल को जांच कर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मोहल्ले वासियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि दबंग की धमकियों और पुलिस की निष्क्रियता के कारण समस्या बढ़ रही है। सवाल उठता है कि आखिर कब इस दबंग के खिलाफ कार्रवाई होगी और अवैध निर्माण हटेगा? लोग प्रशासन से त्वरित और सख्त कदम की मांग कर रहे हैं।










