बोकारो विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास को गति देने के उद्देश्य से विधायक श्वेता सिंह ने उपायुक्त बोकारो के साथ एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी बैठक की। बैठक में क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन के समक्ष ठोस सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था,”अब योजनाएं सिर्फ कागज़ पर नहीं,धरातल पर उतरनी चाहिए।”
विधायक द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं :
- नया मोड़ बस स्टैंड का पुनर्विकास –आधुनिक टर्मिनल की दिशा में कदम
वर्तमान बस स्टैंड अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिससे यात्रियों और व्यवसायियों दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने JUIDCO को पूर्व में पत्र लिखकर इस दिशा में पहल की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि BSL और राज्य सरकार द्वारा संचालित दो अलग-अलग स्टैंडों को समन्वित कर एक “एकीकृत बस टर्मिनल” का निर्माण कराया जाए।
- भूमि आवंटन – वर्षों से रुकी विकास योजनाओं को मिले संजीवनी
विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि कई अहम योजनाएं महज़ भूमि के अभाव में अधर में लटकी हैं। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि भूमि चिन्हांकन और NOC की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि योजनाएं धरातल पर उतर सकें।
- योजना का नाम मांगी गई भूमि
- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स -5 एकड़
- छात्रावास (महाविद्यालय) -1 एकड़
- पर्यटन रिसॉर्ट (तेलमच्चो) -1.5 एकड़
- इनडोर स्टेडियम -1 एकड़
- कला भवन -1 एकड़
- महिला महाविद्यालय -5 एकड़
- स्थानीय अखाड़ा 35×35 फीट
- सोलर स्ट्रीट लाइट योजना –JREDA से स्वीकृति, अब ज़िला स्तर से भेजा जाए प्रस्ताव
5 पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर JREDA से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। पत्र अब तक ज़िला स्तर से अग्रेषित नहीं हुआ है। विधायक ने इसे जनसुविधा और ग्रामीण सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए तत्काल JREDA को भेजे जाने का अनुरोध किया।
- S.S. कॉलेज – 6-7 हजार विद्यार्थियों की उम्मीद CSR से S.S. कॉलेज में वर्तमान भवन अत्यंत सीमित है, जबकि यहां 6 से 7 हज़ार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विधायक ने CSR मद से एक नया आधुनिक भवन निर्माण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा, “अगर इस दिशा में आपका सहयोग मिल जाए, तो यह एक पीढ़ी को सशक्त करने जैसा होगा।”
- DMFT फंड
गैर-पंचायत क्षेत्र भी वर्षों से खनन के दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने आग्रह किया कि इन क्षेत्रों को भी तत्काल DMFT की परिधि में शामिल किया जाए, ताकि वहाँ के लोगों को भी समान अधिकार और सुविधाएं मिल सकें।
विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व में जिन योजनाओं की अनुशंसा की है—प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, डीप बोरिंग द्वारा पेयजल उपलब्धता, स्कूलों की चहारदीवारी, पुस्तकालय भवन, हाई मास्क लाइट्स, पुलिया-कलवर्ट निर्माण आदि—उन सभी कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि जनता को शीघ्र राहत मिल सके।
- पुनर्वास: निर्मल कुष्ठ ग्राम के निवासियों की आवाज़ बनीं विधायक
कुर्मीडीह कोर बस्ती और मनसा सिंह गेट के पास बसे परिवार सामान्य सुविधाओं से वंचित हैं। विधायक ने स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास योजना की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा इनका भरोसा हमसे है, और इनकी उम्मीद हमारी ज़िम्मेदारी है।
- होम गार्ड्स को कमान सौंपने की मांग
- उपायुक्त बोकारो की सक्रियता की सराहना
विधायक ने उपायुक्त बोकारो की विकास के प्रति प्रतिबद्धता और सकारात्मक दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ तालमेल और नियमित संवाद से ही समेकित विकास संभव हो पाएगा। विधायक श्वेता सिंह ने कहा मेरे लिए जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल विधायी भूमिका नहीं, बल्कि हर उस योजना को ज़मीन पर लाना है जो जनता के जीवन को बेहतर बना सके। बोकारो की जनता ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, मैं उसकी हर साँस के साथ ऋणी हूँ। चाहे वो नया मोड़ बस टर्मिनल का पुनर्विकास हो, या वर्षों से अटकी पड़ी योजनाओं के लिए ज़मीन की माँग, मैंने हर स्तर पर आवाज़ उठाई है और उठाती रहूँगी, जो योजनाएं आज सिर्फ फाइलों में कैद हैं, उन्हें मैं अगले कुछ महीनों में ज़मीन पर देखने का संकल्प लेकर चल रही हूँ। BSL की भूमि हो या JREDA की स्वीकृति, CSR का सहयोग हो या DMFT का विस्तार — इन सबके लिए मैंने न सिर्फ पत्राचार किया है, बल्कि लगातार बैठकें कर रही हूँ ताकि नतीजे जल्द सामने आएं। मैं हर उस परिवार तक पहुँचना चाहती हूँ जिसे आज भी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ता है, चाहे वह विद्यार्थी हो, बुजुर्ग हो, खिलाड़ी हो या श्रमिक। बोकारो के विकास की गति को कोई रोक नहीं सकता, जब जनता का साथ और प्रशासन का सहयोग दोनों हो और मुझे पूर्ण विश्वास है कि लोकहित में लगातार सार्थक पहल होती है।