1.दो दर्जन के करीब मुकदमे दर्ज होने के बाद भी पुलिस क्यों नहीं कर रही हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई
2.सर काट कर पूरे उत्तर प्रदेश में घुमाऊंगा हिस्ट्रीशीटर की धमकी
ब्यूरो रिपोर्ट

रायबरेली में कानून व्यवस्था को तार तार कर देने का एक मामला सामने आया है। यहां किस तरह से कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिसका जीता जाता सबूत है। यहां खुलेआम एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा एक समाज को सोशल मीडिया पर ममता तिवारी नामक फेसबुक आईडी से लाइव होकर गाली गलौज की जा रही है। जिसमें कुछ लोग उसके सहयोग में लगे हुए हैं और प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो गलत का साथ देते हैं। यह कोई ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब इस हिस्ट्रीसीटर ने खुलेआम सार्वजनिक रूप से एक प्रतिष्ठित समाज को गाली दी हो और उन्हें जान से मारने की धमकी दी हो। गाली देकर स्वयं हिस्ट्री सीटर ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है और पुलिस व प्रशासन को खुले आम चुनौती दी है। मामला रायबरेली जिले के सलोन थाना क्षेत्र के मटका के खातियारा गांव का है। यहां का रहने वाला हिस्ट्रीसीटर आशीष तिवारी नाम का एक दरिंदा जो लगातार सोशल मीडिया पर खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बेखौफ होकर गाली गलौज कर रहा है। यही नहीं इतना उत्तेजित होकर वह वीडियो में अप शब्दों का प्रयोग कर रहा है। जिसे सुनकर किसी को भी गुस्सा आना स्वाभाविक है। हम इस खबर में वह वीडियो नहीं जोड़ सकते हैं। क्योंकि उसमें इतनी ज्यादा गाली गलौज की जा रही है कि लोगों को उत्तेजित कर रहा है। जानकारी अनुसार बता दे की हिस्ट्री सीटर आशीष तिवारी पर करीब दो दर्जन के लगभग मुकदमे पंजीकृत है। सलोन थाना क्षेत्र से लेकर अन्य थाना क्षेत्र में इसके खिलाफ मुकदमे पंजीकृत है। लंबा चौड़ा इसका आपराधिक इतिहास है। पहले भी अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को रामायण की कुछ पन्ने जलाने और हो और उनका विरोध किए जाने के मामले को लेकर पहले भी इस मानसिक रोगी द्वारा गाली गलौज की गई है और गला काटने की धमकी दी गई है। इसी द्वेष भावना को रखते हुए सुनने में आ रहा है कि जिस रोहित द्विवेदी ने रायबरेली के सारस चौराहे पर जानलेवा हमले करने की कोशिश की कहीं इस आशीष तिवारी का हाथ तो नहीं है। क्योंकि हमले के बाद प्रोत्साहन के रूप में कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाते हुए 11 लाख रुपए की रोहित द्विवेदी को चेक देने का ऐलान करना और उस चेक का बाउंस हो जाना अपराधी गतिविधियों की संलिप्तता दिख रही है। जिसको लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से रायबरेली पुलिस स्थानीय थाने की पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन आशीष तिवारी नामक इस जातिवादी मानसिकता से ग्रसित को पुलिस छू तक नहीं पाई लगातार सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश इसके द्वारा की जा रही है। वहीं अगर कोई भी एक मामूली आदमी सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करता है, तो पुलिस उसे उठाकर उठा ले आती है और उसका चालान कर देती है। आखिर कौन सी मजबूरी है पुलिस के पास जो इस हिस्ट्री सीटर को गिरफ्तार करने से कतरा रही है। क्या यही सनातन धर्म के ठेकेदार हैं। अब देखना यह है कि लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस क्या कार्रवाई करती है क्या नहीं यह तो आने वाला वक्त बताएगा।










