US Plan for Divided Gaza: अमेरिका की नई रणनीति में ‘Green Zone’ और ‘Red Zone’ का बड़ा खुलासा

US Plan for Divided Gaza: ग्रीन ज़ोन इजराइल को, रेड ज़ोन फिलिस्तीन को! क्या बदलने वाला है पूरा समीकरण?

US Plan for Divided Gaza: गाजा पट्टी (Gaza Strip) को लेकर अमेरिका (America) ने एक ऐसी दीर्घकालिक रणनीति तैयार की है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा को दो हिस्सों- ग्रीन ज़ोन और रेड ज़ोन में बांटने की योजना तैयार की गई है, जिसमें एक हिस्सा विकास और सुरक्षा नियंत्रण का केंद्र होगा, जबकि दूसरा खंडहर जैसी स्थिति में बरकरार रखा जाएगा। यह विभाजन सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक संरचना पर भी गहरा असर डाल सकता है। द गार्डियन की रिपोर्ट बताती है कि इस योजना में इजरायली सेना और इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी, जबकि फिलिस्तीनी आबादी वाले इलाके को पुनर्विकास से दूर रखा जाएगा।

अमेरिकी योजना का बड़ा खाका/US Plan for Divided Gaza

अमेरिका (USA) ने गाजा (Gaza Strip) को दो अलग हिस्सों में बांटने का एक नया प्लान तैयार किया है, जो आने वाले वर्षों की राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है। यह प्लान अमेरिकी अधिकारियों और खुफिया दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है, जिसकी जानकारी ब्रिटिश अख़बार द गार्डियन ने उजागर की है। योजना के तहत गाजा के पूर्वी हिस्से को ग्रीन ज़ोन बनाया जाएगा, जो सुरक्षा और पुनर्विकास का केंद्र होगा। इसमें इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोर्स (ISF) और इजराइल (Israel) की सेना तैनात रहेगी। जबकि पश्चिमी हिस्सा रेड ज़ोन के रूप में चिह्नित होगा, जिसे फिलहाल खंडहर की स्थिति में ही रहने दिया जाएगा। यह रणनीति ऐसे समय आई है जब दो साल से जारी संघर्ष ने गाजा को भारी नुकसान पहुंचाया है और लाखों फिलिस्तीनी विस्थापित हो चुके हैं। अमेरिका इसे दीर्घकालिक स्थिरता का रोडमैप बता रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे विवादों से भरी योजना मानते हैं।

ग्रीन ज़ोन: विकास, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण का केंद्र

ग्रीन ज़ोन गाजा के पूर्वी हिस्से में विकसित किया जाएगा, जहाँ इजरायली सैनिकों के साथ-साथ इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोर्स (ISF) भी तैनात होंगी। इस क्षेत्र का उद्देश्य सुरक्षित बफर ज़ोन तैयार करना और गाजा के पुनर्विकास को एक संरचित वातावरण में आगे बढ़ाना है। अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से ISF की तैनाती के लिए औपचारिक मंजूरी लेने की तैयारी कर रहा है। शुरुआत में कुछ सौ सैनिक तैनात किए जाएंगे, जिनकी संख्या भविष्य में 20,000 तक बढ़ाई जा सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन विदेशी सैनिकों को ग्रीन ज़ोन से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी, ताकि किसी प्रकार के जमीनी टकराव या विवाद से बचा जा सके। ग्रीन ज़ोन को पुनर्विकास का केंद्र बनाने का उद्देश्य गाजा के भविष्य की आर्थिक संरचना को फिर से खड़ा करना है, लेकिन इसे इजराइल समर्थित सुरक्षा ढांचे से जोड़े जाने पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

खंडहर में छोड़ा गया इलाका और विस्थापित आबादी का संकट

गाजा का पश्चिमी हिस्सा, जिसे रेड ज़ोन कहा जा रहा है, येलो लाइन के पश्चिम में स्थित है। यह वही इलाका है जहाँ दो वर्षों की लड़ाई में सबसे अधिक तबाही हुई है। लगभग 20 लाख फिलिस्तीनी इसी हिस्से में फंसे या विस्थापित हैं। अमेरिकी योजना के अनुसार, रेड ज़ोन में फिलहाल किसी प्रकार का पुनर्विकास या पुनर्निर्माण नहीं किया जाएगा। इसे उसी स्थिति में छोड़ने का उद्देश्य नियंत्रण और सुरक्षा तंत्र को बनाए रखना बताया जा रहा है। इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं- पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा का लगभग अभाव है, और अंतरराष्ट्रीय सहायता भी सीमित मात्रा में पहुंच रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ग्रीन–रेड विभाजन गाजा की जनसंख्या को दो विपरीत वास्तविकताओं में ढकेल देगा, एक तरफ विकास और सुरक्षा, और दूसरी तरफ खंडहर और विस्थापन। यही वजह है कि इस योजना को मानवीय संकट को और बढ़ाने वाला कदम भी कहा जा रहा है।

ट्रंप के पुराने शांति समझौते पर उठते सवाल और भविष्य की चुनौती

इस नए प्लान से पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अक्टूबर में शर्म अल शेख (Sharm El-Sheikh) में गाजा शांति समझौता पेश किया था। इस पर 20 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसमें न तो इजराइल को शामिल किया गया और न ही हमास (Hamas) को। समझौते के अंतिम पृष्ठ में दर्ज था कि हर व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और शांति पूर्ण जीवन का अधिकार मिलना चाहिए। ट्रंप ने गाजा में युद्ध रोकने के लिए 20-पॉइंट का शांति प्लान भी दिया था, जिसमें संयुक्त शासन और एकीकृत गाजा का विचार शामिल था। लेकिन अमेरिका की नई ग्रीन–रेड ज़ोन वाली योजना, गाजा को दो हिस्सों में स्थायी रूप से बांटने जैसी लगती है, जो ट्रंप के शांति ढांचे को सीधे चुनौती देती है।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि गाजा का ऐसा विभाजन भविष्य में बड़े राजनीतिक तनाव, मानवीय संकट और क्षेत्रीय अस्थिरता को जन्म दे सकता है। आने वाले महीनों में यह दुनिया की सबसे चर्चित अंतरराष्ट्रीय बहसों में से एक बनने वाला है।

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