Jaisalmer To Delhi Direct Train Launch: जैसलमेर से दिल्ली के लिए नई ट्रेन शुरू, देखें पूरी टाइमिंग और रूट

Jaisalmer To Delhi Direct Train Launch: राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर जैसलमेर से दिल्ली जाने वाली नई ट्रेन, जानें शेड्यूल और सुविधाएं

Jaisalmer To Delhi Direct Train Launch: राजस्थान (Rajasthan) के पाकिस्तान बॉर्डर से सटे जैसलमेर (Jaisalmer) जिले को केंद्र सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से चली आ रही दिल्ली (Delhi) तक सीधी ट्रेन की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते हुए बॉर्डर क्षेत्र के यात्रियों और सेना के जवानों के लिए कनेक्टिविटी का नया रास्ता खोल दिया। यह ट्रेन न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रणनीतिक रूप से भी जैसलमेर को मजबूत करेगी। उद्घाटन के बाद से ही लोगों में इस ट्रेन के रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है…

जैसलमेर–दिल्ली ट्रेन की मांग क्यों बढ़ी

जैसलमेर (Jaisalmer) राजस्थान का वह जिला है जो पाकिस्तान सीमा से लगा हुआ है और यहां सेना की तैनाती लगातार रहती है। इन परिस्थितियों में दिल्ली (Delhi) जैसे बड़े शहर से सीधी कनेक्टिविटी हमेशा से एक बड़ी जरूरत रही है। अब तक जैसलमेर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बीच में कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी या मार्ग काफी लंबा हो जाता था। पर्यटन की दृष्टि से भी जैसलमेर एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ देश–विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन राजधानी तक सीधी ट्रेन न होना एक बड़ी कमी मानी जाती थी। स्थानीय लोग, सेना के जवान, ट्रेडर्स और पर्यटक—सभी दिल्ली तक आसान यात्रा की सुविधा चाहते थे। यही वजह थी कि दिल्ली-कनेक्टिविटी को लेकर मांग लगातार बढ़ रही थी। स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस की शुरुआत के साथ यह पुरानी जरूरत अब पूरी हो गई है, जिससे जैसलमेर को रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से फायदा होगा।

रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी, नई ट्रेन का शुभारंभ

29 दिसंबर को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने जैसलमेर (Jaisalmer) से दिल्ली (Delhi) के लिए नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और सेना के कई जवान मौजूद रहे, जिससे इस ट्रेन की रणनीतिक अहमियत भी झलकती है। यह ट्रेन उद्घाटन दिवस पर सुबह 11:20 बजे जैसलमेर से रवाना हुई और अगले दिन तड़के 4:30 बजे दिल्ली के शकूरबस्ती (Shakur Basti) स्टेशन पहुंची। ट्रेन में 16 कोच लगाए गए, जिनमें फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर, जनरल कोच और पावरकार शामिल रहे। इस ट्रेन के रोजाना संचालन का निर्णय यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा क्योंकि अब उन्हें यात्रा की योजना किसी विशेष दिन पर निर्भर होकर नहीं बनानी पड़ेगी। इस कदम को पूरे बॉर्डर इलाके के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

यात्रियों के लिए रूट और स्टॉपेज

जैसलमेर–दिल्ली नई ट्रेन का रूट इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रा अधिक सुविधाजनक और सीधी हो सके। यह ट्रेन आशापुरा गोमट (Aashapura Gomath), रामदेवरा (Ramdevra), फलौदी (Phalodi), ओसियां (Osian), जोधपुर (Jodhpur), मेड़ता रोड (Merta Road), डेगाना (Degana), मकराना (Makrana), कुचामन सिटी (Kuchaman City), नावां सिटी (Nawan City), फुलेरा (Phulera), जयपुर (Jaipur), दौसा (Dausa), अलवर (Alwar), रेवाड़ी (Rewari), गुरुग्राम (Gurugram) और दिल्ली कैंट (Delhi Cantt) जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। यह रूट पूरे मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र को जोड़ते हुए दिल्ली तक एक मजबूत रेल कॉरिडोर बनाता है। सैन्य मूवमेंट, पर्यटन, व्यापार और आम आवागमन—चारों क्षेत्रों में इस ट्रेन का प्रभाव काफी सकारात्मक माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह ट्रेन रोजाना चलेगी, जिससे कामकाजी लोग और यात्रियों को निश्चित समय पर यात्रा की सुविधा मिलेगी और भीड़–भाड़ वाले मार्गों पर दबाव भी कम होगा।

आगे की समयसारिणी और दोनों दिशाओं की टाइमिंग

नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 1 दिसंबर से नियमित संचालन में आ चुकी है। ट्रेन नंबर 12249 रोजाना दिल्ली के शकूरबस्ती (Shakur Basti) स्टेशन से शाम 5:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:00 बजे जैसलमेर (Jaisalmer) पहुंचेगी। वहीं ट्रेन नंबर 12250 जैसलमेर से प्रतिदिन शाम 5:00 बजे निकलेगी और अगले दिन सुबह 9:30 बजे शकूरबस्ती पहुंचेगी। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, दौसा, जयपुर, फुलेरा और जोधपुर सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर निर्धारित ठहराव देगी। 16 कोच क्षमता वाली यह ट्रेन रिजर्व और अनरिजर्व दोनों वर्ग के यात्रियों के लिए उपयुक्त है। रेल मंत्रालय के अनुसार आने वाले समय में यात्रियों की संख्या को देखते हुए कोच बढ़ाने और सुविधाएँ बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। इस नई ट्रेन के चलते बॉर्डर क्षेत्र से दिल्ली की दूरी अब पहले से अधिक सहज, सुरक्षित और तेज हो गई है।

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