Sonbhadra : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की पुलिस ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिले के एसपी ने कफ सिरप (Cough Syrup) माफियाओं को पकड़ने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसकी टीम ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता और मोस्ट वांटेड भोला प्रसाद जायसवाल (उर्फ भोला जायसवाल) को पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, भोला प्रसाद थाईलैंड के रास्ते सिंगापुर भागने की तैयारी में था, लेकिन सोनभद्र पुलिस की तत्परता से उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया जा रहा है, जहां से पूछताछ जारी रहेगी।
गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा

गिरफ्तारी का स्थान और समय : 30 नवंबर 2025 को कोलकाता इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर। भोला प्रसाद थाईलैंड जाने वाली फ्लाइट में सवार होने ही वाला था। सोनभद्र SIT टीम ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में लिया।
भोला प्रसाद की भूमिका : भोला प्रसाद झारखंड की रांची स्थित ‘शैली ट्रेडर्स’ और ‘शैली इंटरप्राइजेज’ फर्मों के मालिक हैं, जो शुभम जायसवाल के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इन फर्मों के माध्यम से ही कोडीन कफ सिरप की सप्लाई का पूरा नेटवर्क संचालित होता था। पुलिस जांच में पता चला कि भोला प्रसाद ही इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक था, जो फर्जी बिलिंग और लेन-देन के जरिए करोड़ों का काला कारोबार चला रहा था।
अन्य वांछितता : भोला प्रसाद उत्तर प्रदेश के चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर जिलों में भी मोस्ट वांटेड है। उसके खिलाफ पहले से कई FIR दर्ज हैं, और वह ड्रग तस्करी के इस चक्रव्यूह का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पिछले घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई
इस केस की शुरुआत डेढ़ महीने पहले हुई, जब सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाल माधव सिंह की टीम ने एक बड़ी खेप पकड़ी थी:
- रॉबर्ट्सगंज खेप : लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये कीमत की अवैध कोडीन कफ सिरप की खेप बरामद की गई। यह खेप फर्जी फर्मों के जरिए सप्लाई की जा रही थी।
- गाजियाबाद कनेक्शन : सोनभद्र पुलिस की सूचना पर गाजियाबाद पुलिस ने करोड़ों रुपये का कफ सिरप पकड़ा। जांच में पता चला कि यह खेप शुभम जायसवाल के नेटवर्क से जुड़ी थी।
- जौनपुर कार्रवाई : हाल ही में जौनपुर में खाद्य-औषधि विभाग ने 1,89,000 बोतलों की खेप जब्त की, जिसकी कीमत 42 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह भी शैली इंटरप्राइजेज से जुड़ी थी।
- SIT जांच के खुलासे : SIT की जांच में लगभग 25 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन का पर्दाफाश हुआ। कई फर्में ऐसी पाई गईं जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। ये फर्जी कंपनियां कोडीन सिरप को काले बाजार में खपाने के लिए इस्तेमाल की जाती थीं। नेटवर्क यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश तक फैला हुआ था।
बड़े नेटवर्क का खुलासा
- मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल : वाराणसी का दवा व्यापारी शुभम जायसवाल इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है। कोरोना काल से पहले वह एक सामान्य मेडिकल सप्लायर था, लेकिन मुनाफे के लालच में पूर्वांचल के एक बाहुबली की छत्रछाया में आया। अब वह दुबई भाग चुका है, और उसका साथी आसिफ भी फरार है।
- कुल FIR : अब तक सोनभद्र, गाजियाबाद, वाराणसी, जौनपुर और अन्य जगहों पर 5 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें शुभम, भोला प्रसाद और 28 अन्य नामजद हैं।
- अन्य गिरफ्तारियां : अमित सिंह उर्फ टाटा को पहले गिरफ्तार किया गया था, जिसकी पूछताछ से कई राज खुले। इसके अलावा, गाजियाबाद में एक इंस्पेक्टर को 4 लाख रुपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
एसपी सोनभद्र ने बताया कि यह गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। SIT अब शुभम जायसवाल और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दुबई और अन्य देशों में इंटरपोल के जरिए कार्रवाई करेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोडीन कफ सिरप का नशा विशेष रूप से युवाओं और बच्चों के लिए घातक है, जिससे मध्य प्रदेश में कई मौतें हो चुकी हैं।
यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ यूपी पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। (सभी विवरण आधिकारिक स्रोतों और पुलिस बयानों पर आधारित)










