Raebareli : डलमऊ थाना क्षेत्र के डंगरी चक मलिक भीटी निवासी पंकज वर्मा पुत्र राम बहादुर जिले की ऊंचाहार तहसील में तैनात है और SIR में अपनी उपस्थित सरकारी दस्तावेजो में दर्ज करवा रहे है। लेकिन माननीय न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट में पुलिस लेखपाल तक नहीं पहुंच पा रही है। डलमऊ पुलिस लेखपाल पंकज वर्मा और उसके परिवार पर इस कदर मेहरबान है कि पुलिस अभी तक उसके भाई नीरज वर्मा को भी माननीय न्यायालय में उपस्थित नहीं करा पाई। जबकि लेखपाल का भाई नीरज वर्मा घर पर अपने गांव डंगरी में उपस्थित बताया जा रहा है।
बताते चले कि लेखपाल पंकज वर्मा उसके भाई नीरज और मां एवं बहन सरोज वर्मा पर 27 नवंबर 2025 को गैर जमानती वारंट जारी हुआ था । तब से पुलिस पंकज वर्मा उसके परिवार को अपने कागजों में खोज रही है। सूत्र बताते हैं कि थाने की पुलिस और लेखपाल के बीच तगड़ा गठबंधन चल रहा है। जिस कारण पुलिस पंकज वर्मा और उसके परिवार वालों को भरपूर मदद कर रही है कि वो सभी माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर सके।

जानकारी के अनुसार पंकज वर्मा लेखपाल और उसके भाई नीरज वर्मा आदि ने मिलकर लेखपाल की पत्नी विजय लक्ष्मी वर्मा को जमकर मारा पीटा था। जनवरी और मार्च के माह में हुई इस मारपीट में लंबी कानून लड़ाई के बाद विजय लक्ष्मी वर्मा अपने पति लेखपाल पंकज वर्मा जेठ नीरज वर्मा और अन्य ससुराल वालों के विरुद्ध गैर जमानतीय जारी करवाया था। तब से पुलिस लेखपाल पंकज वर्मा को खोज रही है और उसके पास तक नहीं पहुंच पाई। जबकि पंकज वर्मा लेखपाल संघ की मांगों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए भी दिखाई दिए और सरकार की नीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए भी संघ के बैनर के नीचे दिखाई दिए ।
वही पुलिस पंकज वर्मा को फरार बता रही है तो आखिरकार क्या कारण है कि पंकज वर्मा की एक सरकारी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज हो रही है तो वहीं पुलिस विभाग पंकज वर्मा और उसके भाई को को फरार बता रही है।










