रायबरेली : रामपाल सिंह स्मृति लॉ कॉलेज ( Rampal Singh Smriti Law College ) द्वारा आज एक निजी होटल में अधिवक्ताओं के बीच सौहार्द, प्रेरणा और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने हेतु अधिवक्ता सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल सिंह ने की।
81 अधिवक्ताओं को मिला सम्मान

इस विशेष अवसर पर जनपद के कुल 81 वरिष्ठ एवं जूनियर अधिवक्ताओं को विधिक क्षेत्र में उनकी निरंतर सेवाओं, समाज के प्रति समर्पण तथा न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान के लिए “अधिवक्ता रत्न” उपाधि प्रदान की गई। सम्मान के रूप में सभी अधिवक्ताओं को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले अधिवक्ताओं ने इस पहल को अत्यंत प्रेरणादायक और स्मरणीय बताया।
समारोह में उपस्थित अधिवक्ताओं ने वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामपाल सिंह स्मृति लॉ कॉलेज न केवल विधि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, बल्कि अधिवक्ताओं के मान-सम्मान, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए भी उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है।
उन्होंने इसे अधिवक्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
महाविद्यालय के अध्यक्ष बालकृष्ण शुक्ला ने सभी अधिवक्ताओं को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी ससम्मान याद किया गया। वक्ताओं ने उनके सरल जीवन, उच्च नैतिकता, सादगी और न्यायप्रियता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन प्रत्येक अधिवक्ता और नागरिक के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनकी ईमानदारी, राष्ट्रसेवा और अनुशासित जीवन शैली के प्रेरक प्रसंगों को साझा किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और भी प्रेरणादायी बन गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल सिंह ने कहा— “अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। समाज न्याय के मूल सिद्धांतों को इन्हीं के माध्यम से प्राप्त करता है।” उन्होंने कहा कि लॉ कॉलेज का उद्देश्य केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सर्वांगीण विकास, सम्मान और सहयोग को बढ़ावा देना भी है। अवसर पर उन्होंने सभी अधिवक्ताओं को अधिवक्ता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता, युवा अधिवक्ता, शिक्षण स्टाफ तथा विभिन्न विधिक संस्थानों के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। पूरे आयोजन में सौहार्द, संवाद और उत्साह का माहौल बना रहा।










