Pooja Pal BJP Entry: बीजेपी में शामिल होंगी विधायक पूजा पाल? सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य को बताया अभिभावक

Pooja Pal BJP Entry: पूजा पाल की बीजेपी से बढ़ती नजदीकी, 2027 से पहले बड़ा सियासी संकेत?

Pooja Pal BJP Entry: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी संकेत सामने आया है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से निष्कासित की जा चुकीं चायल (Chail) से विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) की भारतीय जनता पार्टी (BJP) से लगातार बढ़ती नजदीकियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं। प्रयागराज (Prayagraj) में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) से मुलाकात, चरण स्पर्श और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को “अभिभावक” बताने के बयान ने सियासी गलियारों में हलचल और तेज कर दी है। सवाल अब साफ है- क्या पूजा पाल बीजेपी में औपचारिक एंट्री लेने वाली हैं? या यह सिर्फ राजनीतिक समीकरणों का दबाव है? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है….

डिप्टी सीएम से मुलाकात और राजनीतिक संकेत/Pooja Pal BJP Entryv

कौशांबी (Kaushambi) जिले की चायल विधानसभा सीट (Chail Assembly Seat) से विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) ने हाल ही में प्रयागराज (Prayagraj) के सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया, जिसे राजनीतिक हलकों में मजबूत संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पूजा पाल समाजवादी पार्टी से बाहर हैं और लगातार बीजेपी कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई दे रही हैं। इस भेंट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गईं। सियासी जानकार इसे केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भविष्य के राजनीतिक समीकरणों की भूमिका के तौर पर देख रहे हैं।

योगी-मौर्य को बताया अभिभावक, न्याय से जोड़ा रिश्ता

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) को अपने जीवन का “अभिभावक” बताया। उन्होंने कहा कि उनके पति और पूर्व बसपा विधायक राजू पाल (Raju Pal) की 25 जनवरी 2005 को हुई हत्या के मामले में 18 साल बाद उन्हें न्याय मिला, जो योगी सरकार की वजह से संभव हो सका। पूजा पाल ने यह भी स्वीकार किया कि इसी न्याय मिलने की भावना के चलते उन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी। उनका कहना था कि जब इंसाफ मिलता है, तो दिल से सम्मान अपने आप निकलता है। इस बयान ने साफ संकेत दे दिए कि उनके और योगी सरकार के बीच भावनात्मक और राजनीतिक स्तर पर अब गहरा जुड़ाव बन चुका है।

सपा से निष्कासन के बाद बीजेपी कार्यक्रमों में सक्रियता

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से निष्कासन के बाद पूजा पाल (Pooja Pal) लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से नजर आ रही हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह बीजेपी के कई आयोजनों में शिरकत कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव के दौरान वह भाजपा के लिए प्रचार करती भी दिखाई दी थीं। इसके बाद से पार्टी के अंदर और बाहर यह चर्चा तेज हो गई कि उन्होंने सपा से पूरी तरह दूरी बना ली है। पहले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और अब खुले तौर पर भाजपा गतिविधियों में सहभागिता ने उनके राजनीतिक रुख को लगभग स्पष्ट कर दिया है। सपा के भीतर भी इसे “विश्वासघात” माना गया, जिसके चलते पार्टी ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

BJP में एंट्री पर चुप्पी, 2027 की तैयारी और सीट की चर्चा

जब पूजा पाल (Pooja Pal) से सीधे पूछा गया कि क्या वह आधिकारिक रूप से बीजेपी (BJP) में शामिल होंगी, तो उन्होंने फिलहाल इस सवाल को टालते हुए कहा कि “उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।” उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी साफ किया कि अभी यह तय नहीं है कि वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगी और इस पर अंतिम फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया जाएगा। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि वह अपनी पुरानी सीट प्रयागराज शहर पश्चिमी (Prayagraj City West) से वापसी कर सकती हैं। फिलहाल वह 2022 में सपा के टिकट पर चायल सीट से विधायक बनी थीं। राजू पाल हत्याकांड के बाद 18 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, अतीक-अहमद नेटवर्क का अंत और बीजेपी से बढ़ती निकटता—इन सभी घटनाओं ने पूजा पाल को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।

Other Latest News

Leave a Comment