Raebareli : उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देशों के बाद जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. यशवीर सिंह ने बड़ी पहल की है।जिले भर में 15 खतरनाक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं और इन पर निगरानी व दुर्घटना रोकथाम के लिए 31 विशेष टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये 31 टीमें 11 थाना क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम का एरिया ऑफ रिस्पांसिबिलिटी 20 किमी निर्धारित किया गया है। इन ब्लैक स्पॉट्स और निर्धारित क्षेत्रों में होने वाली किसी भी सड़क दुर्घटना की विवेचना अब क्रिटिकल केयर कोरीडोर द्वारा की जाएगी।

हर सीसीटी टीम में एक दरोगा (सब-इंस्पेक्टर), दो हेड कांस्टेबल और दो सिपाही शामिल होंगे। यह टीम न केवल दुर्घटना की गहन जांच करेगी बल्कि हादसे के सटीक कारणों का विश्लेषण करेगी। जांच पूरी होने के बाद सभी जानकारियां इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस पर तत्काल अपलोड की जाएंगी। यह एक अंतरराष्ट्रीय परियोजना है जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्था के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस डेटाबेस के जरिए देशभर की सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाता है, और ब्लैक स्पॉट्स को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजी जाती है।
एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ दुर्घटना की जांच करना नहीं, बल्कि उन्हें जड़ से रोकना है। इन टीमों के जरिए हम हर ब्लैक स्पॉट पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगे,ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने, खतरनाक ओवरटेक जैसे कारणों पर सख्ती करेंगे और डेटा के आधार पर स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे।
इस कदम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और आमजन को सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा।










