Nepal-India border smack seizure : रात के अंधेरे में पकड़ा गया स्मैक तस्कर, नेपाल से लाई 22 ग्राम हेरोइन जब्त

Nepal-India border smack seizure : सीमा पर नशे का कारोबार जारी, 18 साल के रितेश के पास से लाखों की स्मैक बरामद

Nepal-India border smack seizure : भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बार फिर स्मैक तस्करों की कमर तोड़ दी है। मिहींपुरवा क्षेत्र में रविवार देर रात गश्त के दौरान 59 वीं वाहिनी एसएसबी ने मोतीपुर पुलिस के साथ मिलकर एक 18 साल के युवक को 22 ग्राम स्मैक (हेरोइन) के साथ धर दबोचा। आरोपी नेपाल से स्मैक लाकर भारत में सप्लाई करने की फिराक में था।

रात के अंधेरे में संदिग्ध दिखा, भागने लगा तो घेराबंदी की गई

घटना रविवार रात करीब 10-11 बजे की है। सीमा स्तंभ नंबर 667 के पास एसएसबी की लौकाही चौकी के उपनिरीक्षक दीपक थापा अपनी पांच सदस्यीय टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मोतीपुर थाना पुलिस के उपनिरीक्षक अनिल यादव भी चार कांस्टेबलों के साथ वहां मौजूद थे। दोनों टीमों ने मिलकर इलाके में सघन चेकिंग शुरू की हुई थी।

तभी अचानक एक युवक दूर से आता दिखाई दिया। जैसे ही उसने सुरक्षा बलों को देखा, वह घबरा गया और तेजी से नेपाल की तरफ भागने लगा। एसएसबी और पुलिस के जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया और पकड़ लिया। युवक के हाथ-पैर फूल रहे थे और वह कुछ बोल भी नहीं पा रहा था।

नाम बताया रितेश कुमार, उम्र सिर्फ 18 साल

पकड़े जाने के बाद जब उससे नाम-पता पूछा गया तो उसने अपना नाम रितेश कुमार (18 वर्ष) पुत्र उमेश बताया। पता पूछा तो उसने कहा कि वह थाना मोतीपुर क्षेत्र के मंजगवा गांव का रहने वाला है। यानी वह नेपाली नहीं, बल्कि भारतीय नागरिक था, लेकिन नेपाल से स्मैक लाकर भारत में बेचने का काम कर रहा था।

तलाशी में मिली 22 ग्राम स्मैक

जवानों ने तुरंत इसकी सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारी सहायक कमांडेंट कोमिरे प्रदीप गोंड को दी। सहायक कमांडेंट खुद मौके पर पहुंचे और उनके सामने आरोपी की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 22 ग्राम स्मैक बरामद हुई। स्मैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है।

पूछताछ में रितेश ने कबूल किया कि वह नेपाल से स्मैक लाता है और भारत में ऊंचे दामों पर बेचता है। वह पहले भी कई बार ऐसा कर चुका है, लेकिन इस बार वह पकड़ा गया।

कमांडेंट कैलाश चंद्र रमोला की सतर्कता लाई रंग

इस पूरी कार्रवाई की कमान 59 वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट कैलाश चंद्र रमोला के हाथ में थी। कमांडेंट साहब ने कुछ दिनों से सीमा पर नशे के कारोबारियों की गतिविधियां बढ़ने की खबर मिलने पर गश्त और नाकाबंदी को और सख्त करने का आदेश दिया था। इसी का नतीजा है कि यह तस्कर पकड़ा गया।

कमान्डेंट रमोला ने बताया, “हमारी कोशिश है कि भारत-नेपाल की खुली सीमा का कोई भी गलत फायदा न उठा सके। नशे की तस्करी को हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी को भेजा जेल

स्मैक और आरोपी को तुरंत मोतीपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। थानाध्यक्ष आनंद चौरसिया ने बताया कि रितेश कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सोमवार को उसे बहराइच कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।

सीमा पर नशे की तस्करी अब भी बड़ी चुनौती

भारत-नेपाल की 1800 किलोमीटर से ज्यादा लंबी खुली सीमा नशे के तस्करों के लिए हमेशा से आसान रास्ता रही है। खासकर बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर जैसे बॉर्डर जिले स्मैक, चरस, गांजे और नकली नोटों की तस्करी के बड़े रूट माने जाते हैं।

एसएसबी और पुलिस की लगातार मुस्तैदी के बावजूद छोटे-छोटे तस्कर पैदल या साइकिल से सीमा पार कर नशा लेकर आते रहते हैं। पिछले कुछ महीनों में अकेले बहराइच जिले में ही दर्जनों किलो स्मैक और हेरोइन पकड़ी जा चुकी है।

युवाओं को नशे की दलदल में धकेल रहे तस्कर

सबसे दुखद बात यह है कि पकड़े गए ज्यादातर तस्कर 18 से 25 साल के बीच के युवा होते हैं। आसान पैसे के लालच में ये नौजवान अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। एक तरफ ये खुद नशे के कारोबार में फंस रहे हैं, दूसरी तरफ हजारों परिवारों के बच्चों को नशे की लत लगा रहे हैं।

पुलिस और एसएसबी का कहना है कि वे लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन समाज को भी आगे आना होगा। गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और नौजवानों को रोजगार से जोड़ने की जरूरत है, ताकि वे इस गलत रास्ते पर न जाएं।

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