T20 World Cup 2026 Broadcast Crisis: क्या सच में भारत में लाइव नहीं देख पाएंगे 2026 टी20 वर्ल्ड कप के मैच? आखिर प्रसारण से क्यों पीछे हटा JioStar

T20 World Cup 2026 Broadcast Crisis: क्या भारत में नहीं दिखेगा 2026 टी20 वर्ल्ड कप? JioStar के फैसले से बढ़ी चिंता

T20 World Cup 2026 Broadcast Crisis: T20 विश्व कप 2026 की तैयारियों से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को एक बड़ा झटका लगा है। जियोस्टार (JioStar) ने औपचारिक रूप से बता दिया है कि वह अपने भारत मीडिया-अधिकार सौदे के शेष दो साल पूरे नहीं कर पाएगा। भारी वित्तीय नुकसान, डॉलर की बढ़ी लागत और टूटे हुए कॉन्ट्रैक्ट्स ने कंपनी को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जिससे अब ICC नए प्रसारण साझेदार की तलाश में कठिन दौर से गुजर रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं मिला, तो ऐसा पहली बार हो सकता है कि भारत के दर्शक दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट को देखने में मुश्किलों का सामना करें। चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है….

ICC–JioStar डील की शुरुआत और गतिरोध/T20 World Cup 2026 Broadcast Crisis

जियोस्टार (JioStar) को यह मीडिया-अधिकार सौदा डिज्नी के स्टार इंडिया (Star India) से विरासत में मिला था, जिसकी कीमत लगभग 3 अरब डॉलर आंकी गई थी। शुरुआत से ही कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अत्यधिक महंगा करार दिया था। बाद में स्टार और Viacom18 के जियोस्टार में विलय के बाद यह बोझ और बढ़ गया। ICC के साथ यह चार वर्षीय समझौता भारत में क्रिकेट प्रसारण का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट माना जाता था, लेकिन बाजार में तेजी से बदली परिस्थितियों, बढ़ती लागत और OTT प्लेटफॉर्म्स की नई रणनीतियों ने इसे अस्थिर बना दिया। इस पृष्ठभूमि ने उस तनाव को जन्म दिया, जिसने अंततः जियोस्टार को इस डील के शेष दो वर्ष निभाने से पीछे हटने पर मजबूर किया। अब ICC 2026 विश्व कप से पहले नए साझेदार की तलाश में है।

भारी नुकसान के बाद पीछे हटा जियोस्टार

जियोस्टार (JioStar) के इस कदम के पीछे मुख्य कारण उसका बढ़ता वित्तीय दबाव है। 2024–25 में कंपनी ने खराब स्पोर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट्स से संभावित नुकसान का प्रावधान दोगुना बढ़ाकर ₹25,760 करोड़ कर दिया, जो पिछले वर्ष ₹12,319 करोड़ था। Viacom18 के साथ विलय से पहले स्टार इंडिया (Star India) ने ICC अधिकार सौदे से जुड़े घाटे के कारण भारी नुकसान दर्ज किया था। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने जियोस्टार का खर्च 3.3 अरब डॉलर तक पहुँचा दिया, क्योंकि ICC को भुगतान डॉलर में करना होता है। इसके अलावा जी एंटरटेनमेंट (ZEE) द्वारा ICC टीवी अधिकारों की प्रतिबद्धता से पीछे हटने और विलय के टूटने ने भी जियोस्टार पर अतिरिक्त दबाव डाला। इसी वजह से कंपनी अब जी के खिलाफ मध्यस्थता प्रक्रिया में 1 अरब डॉलर का दावा कर रही है।

उद्योग में हलचल, OTT और ब्रॉडकास्टर्स दोनों पीछे

जियोस्टार (JioStar) के हटने के बाद भारतीय टीवी उद्योग में बड़ी हलचल मच गई है। ICC ने 2026–29 के लिए नई बिक्री प्रक्रिया शुरू की है और लगभग 2.4 अरब डॉलर की कीमत तय की है। लेकिन उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान बाजार परिस्थितियों में यह मूल्य बहुत अधिक है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) पहले ही क्रिकेट निवेश को लेकर सावधानी बरत रहा है और उसने भारत–इंग्लैंड सीरीज के डिजिटल अधिकार जियोस्टार को सब-लाइसेंस देकर अपना जोखिम कम किया था। उधर नेटफ्लिक्स (Netflix) भारत में प्रीमियम एंटरटेनमेंट पर ध्यान दे रहा है, जबकि अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) क्रिकेट में सीमित रुचि दिखा रहा है। ऐसे में बड़े प्लेटफॉर्म्स की दूरी ने ICC की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

T20 World Cup 2026 पर संकट, ICC की चुनौती बढ़ी

जियोस्टार (JioStar) के हटने के बाद ICC के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—2026 T20 विश्व कप से पहले भारत में प्रसारण साझेदार ढूंढना। भारत विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा बाजार है, और बिना मजबूत ब्रॉडकास्टर के ICC की कमाई में भारी गिरावट आ सकती है। मौजूदा आर्थिक माहौल, OTT की बदली रणनीति और स्पोर्ट्स राइट्स की बढ़ती लागत ने नए खरीदारों की संभावना सीमित कर दी है। अगर ICC समय पर उपयुक्त पार्टनर नहीं ढूंढ पाया, तो दर्शकों को स्ट्रीमिंग या प्रसारण में परेशानी हो सकती है, जबकि ICC को अरबों डॉलर के राजस्व नुकसान का खतरा बना रहेगा। आने वाले महीनों में ICC को एशिया के बाजारों के साथ नए मॉडल तैयार करने पड़ सकते हैं, ताकि विश्व कप प्रभावित न हो।

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