रायबरेली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली के कार्डियोलॉजी विभाग में कार्यरत योग्य एवं चर्चित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता ने संस्थान प्रबंधन के कथित उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार से आजिज आकर अपना इस्तीफा दे दिया है। डॉ. गुप्ता की विदाई को कार्डियोलॉजी विभाग के लिए गहरा आघात माना जा रहा है, क्योंकि वे संस्थान के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक थे और मरीजों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
डॉ. अंकित गुप्ता एम्स रायबरेली (AIIMS Raebareli) के कार्डियोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। वे जटिल हृदय रोगों के इलाज में विशेषज्ञता रखते हैं और हाल ही में अमेरिका के वाशिंगटन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रांसकैथेटर कार्डियोवैस्कुलर थेरेप्यूटिक्स सेमिनार में अपनी चुनौतीपूर्ण प्रेजेंटेशन देकर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं। उनकी उपलब्धियां न केवल भारत बल्कि कई देशों में चर्चित रही हैं, जहां उन्होंने जटिल मामलों को सफलतापूर्वक हैंडल करने के उदाहरण प्रस्तुत किए।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. गुप्ता लंबे समय से प्रबंधन की ओर से हो रहे कथित उत्पीड़न से परेशान थे। नए एम्स संस्थानों में डॉक्टरों की कमी, अपर्याप्त सुविधाएं, कम वेतन और प्रशासनिक दबाव जैसी समस्याएं आम हैं, जो कई योग्य चिकित्सकों को निजी क्षेत्र या अन्य विकल्पों की ओर धकेल रही हैं। एम्स रायबरेली (AIIMS Raebareli) में पहले भी फैकल्टी सदस्यों के इस्तीफे की खबरें सामने आ चुकी हैं, और डॉ. गुप्ता का जाना विभाग की सेवाओं पर गहरा असर डालेगा।
मरीजों और स्थानीय लोगों में इस खबर से निराशा है, क्योंकि डॉ. गुप्ता की वजह से दूर-दराज से हृदय रोगी यहां इलाज के लिए आते थे। एम्स (AIIMS) प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मामले की आगे जांच और प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
यह घटना नए एम्स (AIIMS) संस्थानों में डॉक्टरों के सामने आने वाली चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है, जहां बेहतर अवसरों की तलाश में योग्य विशेषज्ञ संस्थान छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।










