CM Yogi Security Lapse in Gorakhpur: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सुरक्षा से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। गोरखपुर (Gorakhpur) दौरे के दौरान हुई कथित सुरक्षा चूक ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और एक नगर निगम अधिकारी पर कार्रवाई की गई। इस बीच समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है। सवाल यह है कि मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी की सुरक्षा में यह चूक कैसे हुई, और क्या यह केवल लापरवाही है या सिस्टम की बड़ी कमजोरी? लगातार सामने आ रही घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है चलिए समझते हैं पूरा मामला…
उद्घाटन कार्यक्रम में कैसे हुई चूक/CM Yogi Security Lapse in Gorakhpur
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) गोरखपुर (Gorakhpur) में गोरखनाथ ओवरब्रिज (Gorakhnath Overbridge) के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री की कार रुकने के बाद पहले भाजपा के स्थानीय सांसद रवि किशन (Ravi Kishan) नीचे उतरे और उसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री वाहन से बाहर आए। इसी दौरान कुछ ही सेकंड में एक गाय मुख्यमंत्री की गाड़ी की ओर दौड़ती हुई पहुंच गई। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों के लिए अप्रत्याशित था। हालांकि कार्यक्रम पूरी तरह से वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया गया था, फिर भी यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली साबित हुई।

सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने टाला बड़ा हादसा
मुख्यमंत्री के वाहन से उतरते ही जैसे ही गाय उनकी ओर बढ़ी, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल घेरा बनाकर स्थिति को संभाल लिया। सुरक्षा दस्ते की तत्परता से गाय को मौके से भगा दिया गया, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हुई। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी घटना कुछ ही पलों में घटित हुई, लेकिन इसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई। भले ही कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री की सुरक्षा में इस तरह की सेंध को गंभीर माना गया।
नगर निगम पर्यवेक्षक निलंबित
प्रारंभिक जांच में इस घटना के लिए नगर निगम पर्यवेक्षक अरविंद कुमार (Arvind Kumar) की लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि वे उस क्षेत्र में नगर निगम की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे। इसी आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरावल (Gaurav Singh Sogarwal) ने आंतरिक जांच के आदेश देते हुए कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि गाय सुरक्षा घेरा तोड़कर वीवीआईपी क्षेत्र तक कैसे पहुंची। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वीवीआईपी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं को और सख्त किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने जताई चिंता
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 17 दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सुरक्षा में चूक की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 2 दिसंबर को वाराणसी (Varanasi) में काशी-तमिल संगम कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने सुरक्षा घेरा तोड़ा था, जबकि 4 दिसंबर को गोरखपुर एयरपोर्ट (Gorakhpur Airport) जाते समय एक बस प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गई थी। इन घटनाओं के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी की सुरक्षा में लापरवाही होगी, तो भाजपा राज में आम जनता की रक्षा-सुरक्षा की बात क्या ही की जाए।” फिलहाल प्रशासन समीक्षा में जुटा है और आने वाले दिनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त किए जाने की बात कही जा रही है।










