Sambhal : संभल में ईसा मसीह के जन्मदिन क्रिसमस (Christmas) का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग सहित अन्य धर्मों के श्रद्धालु भी पहुंचे। चर्चों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया। चर्च परिसर में सजे भव्य क्रिसमस ट्री ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, जिसे देखकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
क्रिसमस के अवसर पर देर रात से ही चर्चों में प्रार्थनाओं का सिलसिला शुरू हो गया था। प्रभु यीशु के जन्म की खुशी में कैरोल गीत गाए गए और प्रभु के संदेश—प्रेम, शांति और भाईचारे—को याद किया गया। पादरियों ने अपने संदेश में कहा कि ईसा मसीह का जीवन मानवता, सेवा और त्याग की प्रेरणा देता है, जिसे अपनाकर समाज में सौहार्द और शांति कायम की जा सकती है।

सुबह के समय विशेष प्रार्थना सभा के बाद एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी गईं। बच्चों ने सांता क्लॉज की वेशभूषा में लोगों को टॉफी और उपहार बांटे। चर्चों के बाहर भी उत्सव का माहौल रहा और लोग एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहा। पुलिस बल तैनात रहा ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें। कुल मिलाकर सम्भल में क्रिसमस का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के संदेश के साथ धूमधाम से मनाया गया।










