Vaibhav Suryavanshi Honoured With Bal Puraskar: भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता सितारा मिल चुका है, जिसने कम उम्र में ही अपने प्रदर्शन से देशभर का ध्यान खींच लिया है। बिहार (Bihar) के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) इन दिनों चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह सिर्फ उनका बल्ला नहीं है। शानदार क्रिकेट प्रदर्शन के बीच वैभव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) के हाथों प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसी सम्मान समारोह की वजह से वह विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) का एक अहम मुकाबला नहीं खेल पाए। खेल और सम्मान के इस खास संगम ने फैंस के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर वैभव को यह बड़ा पुरस्कार क्यों मिला और उनके क्रिकेट करियर पर इसका क्या असर पड़ेगा चलिए जानते हैं…
वैभव सूर्यवंशी के शानदार सफर की कहानी/Vaibhav Suryavanshi Honoured With Bal Puraskar
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने बीते कुछ समय में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है। कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय जूनियर स्तर तक अपनी बल्लेबाजी की छाप छोड़ी है। बिहार (Bihar) के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी तकनीक, आक्रामकता और मैच जिताने की क्षमता से चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। भारतीय अंडर-19 (India U-19) और इंडिया-ए (India A) के लिए भी वैभव का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। उनकी यही निरंतरता और अनुशासन उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है। क्रिकेट के साथ-साथ सामाजिक प्रेरणा बनने के कारण उनका नाम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चुना गया, जो देश के सबसे प्रतिभाशाली बच्चों को दिया जाता है।

विजय हजारे ट्रॉफी में धमाकेदार प्रदर्शन
विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) में वैभव सूर्यवंशी ने बिहार (Bihar) की ओर से खेलते हुए क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने महज 84 गेंदों में 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस ऐतिहासिक पारी में उनके बल्ले से 16 चौके और 15 छक्के निकले, जिसने विपक्षी गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया। यह पारी घरेलू क्रिकेट के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिनी जा रही है। हालांकि इसके बाद मणिपुर (Manipur) के खिलाफ होने वाले अगले मैच में वैभव टीम का हिस्सा नहीं थे। फैंस के लिए यह चौंकाने वाला फैसला था, लेकिन इसके पीछे वजह बेहद खास और सम्मानजनक थी।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार और राष्ट्रपति का संदेश
दिल्ली (Delhi) में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों की असाधारण प्रतिभा ने खेल, विज्ञान, नवाचार, संस्कृति और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सम्मान पाने वाला हर बच्चा समान रूप से प्रेरणादायक है। इसी सम्मान समारोह में शामिल होने के कारण वैभव को विजय हजारे ट्रॉफी का मैच छोड़ना पड़ा। यह पल उनके करियर का ऐतिहासिक क्षण बन गया, जहां खेल और राष्ट्रीय सम्मान एक साथ जुड़ गए।
आईपीएल, वीर बाल दिवस और आगे की राह
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) आईपीएल (IPL) में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) की ओर से खेल चुके हैं, जहां आईपीएल 2025 में उन्होंने 7 मैचों में 252 रन बनाकर सबका ध्यान खींचा था। फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन कर उनके टैलेंट पर भरोसा जताया है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘वीर बाल दिवस’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन गुरु गोविंद सिंह (Guru Gobind Singh) के साहिबजादों के बलिदान को याद करने का प्रतीक है। ऐसे दिन पर वैभव का सम्मानित होना आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। फिलहाल, उनकी नजरें आगामी टूर्नामेंट्स और भारतीय क्रिकेट में स्थायी जगह बनाने पर टिकी हैं।










