Russia Strikes Before Trump–Zelensky Meet: शांति वार्ता से पहले कीव पर मिसाइल-ड्रोन हमला, हिल गई यूक्रेन की राजधानी

Russia Strikes Before Trump–Zelensky Meet: ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात से ठीक पहले रूस का बड़ा अटैक, अंधेरे में डूबा कीव

Russia Strikes Before Trump–Zelensky Meet: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelensky) के बीच रविवार को होने वाली अहम मुलाकात से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक कर दिया। शनिवार को रूस ने राजधानी कीव (Kyiv) पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे पूरा शहर दहल उठा और बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई। यह हमला ऐसे वक्त हुआ है, जब ट्रंप की शांति योजना और युद्धविराम को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज है। सवाल यह है कि क्या यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई है या किसी बड़ी रणनीति का हिस्सा? तो चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…

ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात से पहले रूस का बड़ा हमला/Russia Strikes Before Trump–Zelensky Meet

रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले कई महीनों से केवल जंग के मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कूटनीतिक स्तर पर भी निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। अमेरिका (United States) की मध्यस्थता में युद्धविराम और शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की प्रस्तावित 20-सूत्री शांति योजना को लेकर वॉशिंगटन से लेकर कीव तक चर्चाएं तेज हैं। यूक्रेन की ओर से संकेत दिया गया है कि अगर रूस 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमत होता है, तो इस योजना पर जनमत संग्रह संभव है। इसी बीच जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) की ट्रंप से फ्लोरिडा (Florida) के मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) में होने वाली मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे माहौल में रूस का अचानक हमला पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना देता है।

मिसाइल और ड्रोन अटैक से दहला कीव

शनिवार तड़के रूस ने यूक्रेन (Ukraine) की राजधानी कीव (Kyiv) और आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। लगातार धमाकों से शहर थर्रा उठा और लोगों में दहशत फैल गई। हमले के बाद राजधानी के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे कीव अंधेरे में डूब गया। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के मारे जाने या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) पूरी तरह सक्रिय रही और कई मिसाइलों व ड्रोन को हवा में ही मार गिराने का दावा किया गया। फिर भी हमले की तीव्रता ने यह साफ कर दिया कि रूस इस बार सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश में भी है।

शांति योजना, बयान और बढ़ता तनाव

हमले से कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सिओस (Axios) से बातचीत में कहा था कि यदि रूस 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमत होता है, तो वे ट्रंप की शांति योजना पर जनमत संग्रह कराने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका-यूक्रेन समझौते के अधिकांश बिंदु तय हो चुके हैं और सुरक्षा गारंटी को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस युद्धविराम के लिए कम समयसीमा चाहता है। ऐसे में यह हमला रूस की उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह बातचीत से पहले यूक्रेन पर दबाव बढ़ाना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला कूटनीतिक संदेश भी हो सकता है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

फिलहाल कीव (Kyiv) और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और हालात का आकलन किया जा रहा है। राष्ट्रपति जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) रविवार को फ्लोरिडा (Florida) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से मुलाकात करने वाले हैं, जहां युद्धविराम, क्षेत्रीय विवाद और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। ट्रंप की शांति योजना का ड्राफ्ट लगभग 90 प्रतिशत तैयार बताया जा रहा है, लेकिन डोनबास (Donbas) क्षेत्र को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं। ऐसे में रूस का यह हमला आने वाली बातचीत को और जटिल बना सकता है। अब दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि यह सैन्य आक्रामकता शांति वार्ता को कमजोर करेगी या समाधान की प्रक्रिया को और तेज करेगी।

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