Bishop J. Simon Tigga Christmas Message: बिशप जे. साईमन तिग्गा का क्रिसमस पर हृदयस्पर्शी संदेश,यीशु का जन्म मानवता के उद्धार का प्रतीक

Bishop J. Simon Tigga Christmas Message: क्रिसमस की खुशी में डूबे झारखंड को बिशप तिग्गा का विशेष संदेश

Bishop J. Simon Tigga Christmas Message: क्रिसमस का पर्व पूरे दुनिया में बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर झारखंड के विभिन्न चर्चों और ईसाई समुदाय में विशेष प्रार्थनाएं, गीत-संगीत और उत्सव का माहौल है। रांची में भी लोग चर्चों में इकट्ठा होकर प्रभु यीशु के जन्म की खुशी मना रहे हैं। इसी कड़ी में बिशप जे. साईमन तिग्गा ने क्रिसमस पर्व पर अपना विशेष संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने ईश्वर के प्रेम, दया और क्षमा की बातें कही हैं। उनका यह संदेश सभी झारखंडवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

झारखंडवासियों को मसीही नमस्कार और क्रिसमस की शुभकामनाएं/Bishop J. Simon Tigga Christmas Message

बिशप जे. साईमन तिग्गा ने अपने संदेश की शुरुआत में सभी झारखंडवासियों को मसीही नमस्कार कहा है। उन्होंने कहा, “मैं बेहद खुश हूं कि पूरे विश्व में ख्रीस्त जन्मोत्सव की तैयारी बहुत जोर-शोर से हो रही है। लोगों के अंदर इस बात की ज्यादा खुशी है कि अगर यीशु का जन्म नहीं होता तो मानव जाति का उद्धार होना बहुत मुश्किल था।”

बिशप ने आगे बताया कि क्रिसमस सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह ईश्वर के उस महान प्रेम की याद दिलाता है जिसने मानवता को बचाने के लिए अपने पुत्र को इस धरती पर भेजा। वे कहते हैं कि लोग सजावट कर रहे हैं, उपहार बांट रहे हैं और एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं, क्योंकि यीशु का आगमन दुनिया में उम्मीद और प्रकाश लेकर आया है।

ईश्वर ने क्यों भेजा यीशु को इस दुनिया में?

बिशप तिग्गा ने अपने संदेश में बाइबल की आयतों का जिक्र करते हुए समझाया कि ईश्वर ने जब पृथ्वी पर नजर डाली तो देखा कि लोग उनके रास्ते पर नहीं चल रहे। इसके बजाय, वे गलत रास्ते पर, यानी पाप के रास्ते पर जा रहे थे। बाइबल की किताब उत्पति (6:5-6) में लिखा है कि यह सब देखकर ईश्वर को बहुत दुख हुआ और वे पछताए। क्योंकि मनुष्य उनकी अपनी सृष्टि है, इसलिए ईश्वर को यह देखकर तकलीफ हुई।

फिर बिशप ने यूहन्ना की किताब (3:16) का हवाला दिया, जो बाइबल की सबसे प्रसिद्ध आयतों में से एक है। इसमें लिखा है कि ईश्वर ने दुनिया से इतना प्रेम किया कि अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो बल्कि अनन्त जीवन पाए। बिशप ने कहा कि इसी वजह से यीशु मसीह को इस पृथ्वी पर भेजा गया। यीशु का जन्म इसलिए हुआ ताकि पापी मनुष्य को बचाया जा सके।

पाप से मुक्ति और नई जिंदगी का रास्ता

बिशप तिग्गा ने अपने संदेश में लोगों से अपील की कि अगर कोई आज यीशु पर विश्वास करता है और अपने पापों को मानकर उन्हें छोड़ देता है, तो यीशु उनके पापों को माफ कर देते हैं। इससे व्यक्ति की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है और वह एक नई सृष्टि बन जाता है। उन्होंने नीतिवचन (28:13) की आयत का उदाहरण दिया, जिसमें कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने अपराध को मान लेता है और उसे छोड़ भी देता है, उस पर दया की जाएगी।

इस तरह से यीशु पर विश्वास करने से अनन्त जीवन का रास्ता खुल जाता है। बिशप ने कहा कि क्रिसमस हमें ईश्वर के प्रेम, करुणा, दया और क्षमा की याद दिलाता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि हमें भी एक-दूसरे से प्रेम करना चाहिए, गलतियों को माफ करना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए।

क्रिसमस की ढेर सारी बधाइयां

अपने संदेश के अंत में बिशप जे. साईमन तिग्गा ने सभी को क्रिसमस की ढेर सारी बधाइयां दीं। उन्होंने कहा, “धन्यवाद। मेरी ओर से क्रिसमस की ढेर सारी बधाइयां आपको मिले।” उनका यह संदेश न केवल ईसाई समुदाय बल्कि पूरे झारखंड के लोगों के लिए शांति, प्रेम और खुशी का पैगाम लेकर आया है।

रांची और झारखंड में क्रिसमस का उत्सव हर साल की तरह इस बार भी बड़े जोश से मनाया जा रहा है। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं हो रही हैं, लोग कैरोल गा रहे हैं और एक-दूसरे को उपहार देकर खुशियां बांट रहे हैं। बिशप तिग्गा का यह संदेश लोगों को याद दिलाता है कि क्रिसमस का असली मतलब है – ईश्वर का प्रेम और मानवता का उद्धार। इस पर्व पर सभी को प्रभु यीशु की कृपा मिले और नई साल में खुशहाली आए।

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