Devnika Hospital Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला देवनिका हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर आज अपनी स्थापना की दूसरी वर्षगांठ मना रहा है। तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित यह अस्पताल सिर्फ दो साल में ही लोगों का भरोसा जीत चुका है। मंगलवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल के निदेशक डॉ. अनंत सिन्हा ने अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शुरुआती दौर की चुनौतियां और संघर्ष/Devnika Hospital Ranchi
डॉ. अनंत सिन्हा ने ईमानदारी से बताया कि अस्पताल की शुरुआत बहुत मुश्किल रही। आर्थिक तंगी और कई तरह की परेशानियां आईं। लेकिन डॉक्टरों की मेहनत, समर्पण और मरीजों को बेहतर इलाज देने की लगन ने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने कहा, “हम अभी-अभी अपनी आर्थिक मुश्किलों से बाहर निकले हैं। थोड़ी देर से ही सही, लेकिन हमने एक नई ऊंचाई छू ली है।” आज देवनिका झारखंड में एक भरोसेमंद और आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपनी मजबूत जगह बना चुका है।

न्यूरो सर्जरी, ट्रॉमा और कार्डियोलॉजी में खास पहचान
अस्पताल की सबसे बड़ी ताकत इसका न्यूरो सर्जरी विभाग है, जो बेहद शानदार तरीके से चल रहा है। इसके साथ ही कार्डियोलॉजी और ट्रॉमा सर्जरी में भी लोगों का पूरा विश्वास जीता है। डॉ. सिन्हा ने बताया कि यहां न्यूरो सर्जरी, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और ट्रॉमा सर्जरी सब एक ही जगह उपलब्ध हैं। इससे गंभीर ट्रॉमा के मरीजों का इलाज आसान और तेज हो जाता है, क्योंकि सभी स्पेशलिस्ट एक साथ मिलकर काम करते हैं।
ट्रॉमा केसों में जान बचाने की सफलता दर ज्यादा रहती है। अस्पताल में न्यूरो रिहैबिलिटेशन की सुविधा भी खास है। स्ट्रोक या बड़ी न्यूरो सर्जरी के बाद मरीजों को महीनों या साल लग जाते हैं ठीक होने में, लेकिन रिहैब की मदद से वे जल्दी सामान्य जीवन में वापस लौट सकते हैं। डॉ. सिन्हा को उम्मीद है कि आने वाले समय में ट्रॉमा का काम और ज्यादा बढ़ेगा।
दो साल में दर्ज की गईं बड़ी उपलब्धियां
पिछले दो वर्षों में देवनिका अस्पताल ने प्रभावशाली आंकड़े हासिल किए हैं:
- करीब 7200 मरीजों का एडमिशन
- 5500 ICU एडमिशन
- 3600 सर्जरी
- 600 कैथ लैब प्रोसीजर
ये आंकड़े अपने आप में बड़ी सफलता हैं। गायनेकोलॉजी और अन्य विभागों में भी आसपास के लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। डॉ. सिन्हा ने कहा कि हमारे सभी डॉक्टर अपने-अपने क्षेत्र में सबसे आगे हैं, इसलिए मरीजों को बेहतरीन इलाज मिल रहा है।
भविष्य की योजनाएं,नए विभाग और सुविधाएं
अस्पताल आगे और बड़ा होने की तैयारी में है। डॉ. अनंत सिन्हा ने बताया कि एक महीने के अंदर किडनी यूनिट शुरू हो जाएगी। आने वाले समय में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी लाने का प्लान है। मई-जून तक MRI मशीन लग जाएगी और ब्लड बैंक भी जल्द शुरू होगा।
ये नई सुविधाएं झारखंड के मरीजों के लिए बड़ी राहत होंगी। अब उन्हें महंगे इलाज के लिए रांची से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
बिना डर और भय के इलाज का वादा
डॉ. सिन्हा ने सबसे महत्वपूर्ण बात कही कि देवनिका अस्पताल को इसी मकसद से बनाया गया है कि कोई भी मरीज यहां बिना किसी डर या चिंता के इलाज करा सके। अमीर-गरीब का फर्क किए बिना सबको ईमानदार और अच्छा ट्रीटमेंट मिले। उन्होंने मीडिया और समाज से निरंतर साथ मांगा और वादा किया कि हम हमेशा ईमानदारी से काम करेंगे।
देवनिका अस्पताल का दो साल का सफर संघर्ष और सफलता की अनोखी मिसाल है। न्यूरो सर्जरी, ट्रॉमा और कार्डियोलॉजी जैसे जटिल क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाला यह अस्पताल झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रांची और आसपास के लोगों के लिए यह भरोसे का एक बड़ा नाम बन चुका है। आने वाले सालों में यह और नई ऊंचाइयों को छूएगा।










