Sambhal Illegal Encroachment Fine: संभल में अवैध कब्जे पर प्रशासन की सख्ती: मस्जिद-मदरसे और मकानों पर 75 लाख से ज्यादा का जुर्माना

Sambhal Illegal Encroachment Fine: अवैध कब्जे की कीमत,संभल में मदरसा कमेटी पर 51 लाख, मस्जिद पर लाखों का जुर्माना

Sambhal Illegal Encroachment Fine: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण तोड़े जाने के बाद अब दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। कुल मिलाकर 75 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना ठोका गया है। अगर ये पैसे समय पर नहीं जमा हुए तो जबरन वसूली की जाएगी और जेल भी हो सकती है। ये कार्रवाई असमोली क्षेत्र के सलेमपुर सलार (हाजीपुर) और राया बुजुर्ग गांवों में हुई है।

क्या हुई कार्रवाई?/Sambhal Illegal Encroachment Fine

संभल जिले में सरकारी जमीन और तालाब की जमीन पर कई सालों से अवैध कब्जे थे। इन पर मस्जिद, मदरसा, मैरिज हॉल और कुछ मकान बनाए गए थे। प्रशासन ने पहले नोटिस दिए, कोर्ट के आदेश के बाद बुलडोजर चलाया और अब जुर्माने की वसूली शुरू कर दी है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा कि अवैध निर्माण करने वालों को न सिर्फ ढहाया जाएगा, बल्कि जुर्माना भी भरना पड़ेगा। इसमें कोई छूट नहीं मिलेगी।

हाल ही में 4 जनवरी को सलेमपुर सलार गांव में मदीना मस्जिद और मदरसे पर एक्शन हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि मस्जिद को लोगों ने खुद ही तोड़ दिया, ताकि सरकारी बुलडोजर न चले। लेकिन मदरसे को प्रशासन ने जमींदोज किया। राया बुजुर्ग गांव में गोसुलबरा मस्जिद और मैरिज हॉल पर पिछले साल अक्टूबर में कार्रवाई हुई थी, और 6 जनवरी को कुछ अवैध मकानों पर बुलडोजर चला।

जुर्माने की पूरी डिटेल

तहसील प्रशासन ने जुर्माने के आदेश जारी कर दिए हैं। देखिए किस पर कितना जुर्माना लगा:

  • मदरसे की कमेटी पर सबसे ज्यादा 51 लाख रुपये का जुर्माना। ये सलेमपुर सलार गांव में सरकारी जमीन पर चल रहा था।
  • मदीना मस्जिद की इंतजामिया कमेटी पर 9 लाख रुपये
  • गोसुलबरा मस्जिद की कमेटी पर 6 लाख रुपये (राया बुजुर्ग गांव में तालाब की जमीन पर बनी थी)।
  • मैरिज हॉल चलाने वाले पर 6.40 लाख रुपये।
  • तालाब की जमीन पर मकान बनाने वाले अबरार, असरार और बाबू पर कुल 1.04 लाख रुपये

ये सब मिलाकर 75 लाख से ज्यादा बनता है। कुछ न्यूज में कुल 58 लाख का जिक्र है, लेकिन यूजर की दी गई जानकारी के मुताबिक 75 लाख से ऊपर है। तहसीलदार ने बताया कि बुलडोजर का खर्च भी इन्हीं लोगों से वसूला जाएगा।

अगर जुर्माना नहीं भरा तो क्या होगा?

निर्धारित समय में पैसे जमा नहीं हुए तो रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी होगा। मतलब, उनकी संपत्ति जब्त करके या बैंक अकाउंट से पैसे काटकर वसूली की जाएगी। नहीं माने तो जेल भी भेजा जा सकता है। प्रशासन ने साफ कर दिया कि कोई रियायत नहीं होगी।

क्यों हो रही ये कार्रवाई?

संभल में लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों की शिकायतें थीं। कोर्ट के आदेश और सर्वे के बाद ये एक्शन लिया गया। कुछ जगहों पर तो लोगों ने खुद ही निर्माण तोड़ दिए, क्योंकि बुलडोजर का डर था। डीएम राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि जहां-जहां कब्जा है, वहां कार्रवाई होगी। सरकारी जमीन को मुक्त कराकर गरीबों को आवंटित करने की योजना है।

लोगों का क्या कहना है?

गांव वाले चुप हैं, कोई कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं। कुछ राजनीतिक लोग इसे गलत बता रहे हैं, कह रहे हैं कि ये धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना है। लेकिन प्रशासन का कहना है कि ये सिर्फ अवैध कब्जे हटाने की मुहिम है, धर्म से कोई लेना-देना नहीं। कानून सबके लिए बराबर है।

संभल में ये कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि और भी अवैध निर्माणों पर एक्शन होगा। ये दिखाता है कि यूपी में अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति चल रही है। लोगों को चाहिए कि सरकारी जमीन पर कब्जा न करें, वरना जुर्माना और बुलडोजर दोनों तैयार हैं।

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