Illegal Encroachment On Government Land In Raebareli: उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही हो और कई जगहों पर बुलडोजर चलवा रही हो, लेकिन गांव-देहात में दबंगों के हौसले अभी भी बुलंद हैं। स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप आम हैं और शिकायतें आने पर ही कुछ हलचल होती है। ऐसा ही एक नया मामला रायबरेली जिले की डलमऊ तहसील से सामने आया है।
गांव कोरौली में सरकारी जमीन पर जबरन कब्जा/Illegal Encroachment On Government Land In Raebareli
डलमऊ तहसील के ग्राम कोरौली में सरकारी खाद गड्ढे की जमीन पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। गांव के निवासी प्रदीप कुमार शर्मा (पुत्र स्वर्गीय राम शुभग शर्मा) ने जिला अधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपकर यह गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, गांव के ही अशोक निर्मल (पुत्र छोटेलाल निर्मल) ने गाटा संख्या 685 की सरकारी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा जमा लिया। यह जमीन खाद गड्ढे (पिट) के रूप में दर्ज है और पूरी तरह सरकार की संपत्ति है। पहले ऐसे गड्ढों में खाद रखी जाती थी, लेकिन अब दबंग इसे अपनी जागीर बनाने पर तुले हैं।

मिस्त्री-मजदूर लगाकर बनाई बाउंड्री वॉल और गेट
प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि अशोक निर्मल ने पांच मिस्त्रियों और चार मजदूरों की टीम लगाई। उन्होंने ढेर सारी निर्माण सामग्री इकट्ठा की और तेजी से बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी। ऊपर से गेट भी लगा दिया गया। यह सब इतनी जल्दी हुआ कि गांव वाले कुछ कर पाते, इससे पहले ही कब्जा पूरा हो गया। जब कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया तो दबंगों ने खुली धमकी दे दी। उन्होंने कहा, “चूं भी करोगे तो कोई सुनने वाला नहीं मिलेगा।” डर के मारे लोग चुप हो गए।
प्रशासन को दी सूचना, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं
पीड़ित प्रदीप कुमार ने तुरंत कार्रवाई की उम्मीद में लेखपाल को मौखिक शिकायत की और तहसीलदार को फोन पर पूरी बात बताई। लेकिन अफसोस, कोई सुनवाई नहीं हुई। डलमऊ तहसील प्रशासन इस मामले में पूरी तरह मौन है। न तो मौके पर कोई गया, न जांच हुई और न ही कब्जा हटाने की कोई कोशिश। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर लेन-देन की बातें सामने आती हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं होती।
सरकारी संपत्ति का नुकसान, योगी सरकार की छवि पर असर
प्रदीप कुमार शर्मा का कहना है कि ऐसे अवैध कब्जों से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है। सरकारी जमीनें जनता के काम आनी चाहिए, लेकिन दबंग उन्हें हड़पकर अपना फायदा उठा रहे हैं। इससे योगी सरकार की भू-माफिया विरोधी मुहिम की छवि भी खराब हो रही है। सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। गांव में लोग नाराज हैं कि स्थानीय स्तर पर मिलीभगत चल रही है और दबंग बेखौफ होकर सरकारी जमीन कब्जा रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, बड़ा आंदोलन की चेतावनी
गांव कोरौली के लोग इस मामले से बेहद गुस्से में हैं। कई ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पहले भी ऐसे मामले हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की सुस्ती की वजह से दबंग बच निकलते हैं। प्रदीप कुमार ने जिला अधिकारी से अपील की है कि जल्द जांच कराकर अवैध कब्जा हटवाया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बड़ा आंदोलन किया जाएगा अगर कार्रवाई नहीं हुई तो।
अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर
अब देखना यह है कि रायबरेली का जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति यहां लागू होगी? क्या डलमऊ तहसील के अफसर जागेंगे और सरकारी जमीन को आजाद कराएंगे? इस मामले को भी गंभीरता से नहीं लिया जाएगा और फाइलों में दब कर ही रह जाएगा। ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द न्याय मिलेगा। ऐसे मामलों से साफ है कि सख्ती को गांव-गांव तक पहुंचाने की सख्त जरूरत है, ताकि आम आदमी का भरोसा बना रहे।










