CDS Anil Chauhan Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को झुकाया! CDS अनिल चौहान ने बताया सैन्य ढांचे में बड़ा बदलाव

CDS Anil Chauhan Operation Sindoor: पाकिस्तान का सैन्य ढांचा बदल गया! CDS जनरल चौहान ने खोला ऑपरेशन सिंदूर का राज

CDS Anil Chauhan Operation Sindoor: भारत की सेना के सबसे बड़े अधिकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि मई 2025 में चला गया ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका था। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियां इतनी बेनकाब कर दीं कि उन्हें अपने संविधान में बदलाव करना पड़ा और ऊपरी सैन्य ढांचे को पूरी तरह से नया रूप देना पड़ा। जनरल चौहान ने ये बातें 9 जनवरी 2026 को पुणे में पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल में कहीं।

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?/CDS Anil Chauhan Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बड़े आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था। उस हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे, ज्यादातर हिंदू पर्यटक। भारत ने इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का नतीजा बताया और मई 2025 में 6 से 10 मई तक चले इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। भारत का कहना है कि ये हमले सिर्फ आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर थे, कोई पाकिस्तानी फौजी या आम आदमी का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन पाकिस्तान ने इसे बड़ा हमला बताया और जवाबी कार्रवाई की।

ये ऑपरेशन 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान पर भारत का सबसे बड़ा और गहरा सैन्य अभियान था। इसमें ड्रोन, मिसाइल, हवाई हमले और साइबर-इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सब शामिल थे। ऑपरेशन को “पॉज्ड, नॉट कन्क्लूडेड” (रोका गया है, खत्म नहीं) बताया गया है।

पाकिस्तान पर ऑपरेशन का कितना असर पड़ा?

जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियां पूरी तरह उजागर कर दीं। इतनी बड़ी कमियां सामने आईं कि पाकिस्तान को जल्दबाजी में संविधान में 27वां संशोधन करना पड़ा। इस संशोधन से उनके ऊपरी सैन्य संगठन में बड़े बदलाव हुए:

  • जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन का पद खत्म कर दिया गया।
  • उसकी जगह चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) का नया पद बनाया गया।
  • नेशनल स्ट्रैटेजी कमांड और आर्मी रॉकेट फोर्सेस कमांड जैसी नई संस्थाएं बनाई गईं।
  • अब आर्मी चीफ के हाथ में जमीन, जॉइंट ऑपरेशंस, स्ट्रैटेजिक (न्यूक्लियर) फोर्सेस और रॉकेट फोर्स सबकी कमान आ गई है।

जनरल चौहान ने कहा कि ये बदलाव एक व्यक्ति में बहुत ज्यादा ताकत केंद्रित करते हैं, जो जॉइंटनेस (तीनों सेनाओं की एकजुटता) के सिद्धांत के खिलाफ है। ये लैंड-सेंट्रिक (जमीन पर ज्यादा फोकस) सोच दिखाता है और पाकिस्तान की सेना में आंतरिक चुनौतियां पैदा कर सकता है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की नाकामी का सबूत बताया कि ऑपरेशन उनके लिए अच्छा नहीं रहा।

भारत की तैयारी और सबक क्या हैं?

CDS ने साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने भी कई सबक सीखे हैं। ये पहले के ऑपरेशंस जैसे *उरी सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, डोकलाम और गलवान से मिले अनुभवों पर आधारित हैं।

  • भारत अब जॉइंट थिएटर कमांड्स बना रहा है, जिसमें आर्मी, नेवी और एयर फोर्स एक साथ काम करेंगी।
  • सरकार ने इसकी डेडलाइन 30 मई 2026 तक बढ़ाई है, लेकिन सेनाएं इसे पहले पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।
  • CDS का रोल डायरेक्ट कमांड नहीं है, लेकिन वे चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के परमानेंट चेयरमैन हैं। नए डोमेन जैसे स्पेस, साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव वॉरफेयर में उनका डायरेक्ट रोल है।
  • जनरल चौहान ने कहा कि भविष्य के युद्ध में टेक्नोलॉजी ज्यादा महत्वपूर्ण होगी, भूगोल कम। लेकिन पारंपरिक जमीन युद्ध भी खत्म नहीं होगा। भारत को दोनों के लिए तैयार रहना होगा।
  • फेक न्यूज का मुद्दा भी उठाया – ऑपरेशन के दौरान फेक खबरें बहुत फैलीं, जैसे कराची पोर्ट पर हमला या पाक आर्मी चीफ की गिरफ्तारी। भारत को इसके खिलाफ मजबूत सिस्टम बनाना होगा।

निष्कर्ष

जनरल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि टेक्नोलॉजी और जॉइंटनेस से छोटे लेकिन निर्णायक हमले किए जा सकते हैं। पाकिस्तान की ये मजबूरी दिखाती है कि भारत की तैयारी कितनी मजबूत है। दुनिया में युद्ध अब छोटे, तेज और टेक-बेस्ड हो रहे हैं। भारत आत्मनिर्भर बनकर, तीनों सेनाओं को एकजुट करके आगे बढ़ रहा है।

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