Journalist Death Threat Sant Kabir Nagar: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक पत्रकार को मोबाइल पर गाली-गलौज के साथ जान से मारने की खुली धमकी दी गई। यह मामला इतना गंभीर है कि पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी को 50 लाख रुपये की मानहानि का लीगल नोटिस भी भेजा गया है।
पीड़ित पत्रकार का नाम राहुल सिंह है। वे प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष हैं और ‘दूरदर्पण न्यूज’ तथा ‘समाचार नेशन टीवी’ जैसे मीडिया संस्थानों से जुड़े हुए हैं। घटना थाना सोनहा क्षेत्र (बस्ती जिले से सटे इलाके) में हुई, लेकिन आरोपी संत कबीर नगर के खमरिया गांव का रहने वाला है।

शिकायत से शुरू हुआ विवाद/Journalist Death Threat Sant Kabir Nagar
सब कुछ तब शुरू हुआ जब राहुल सिंह ने संत कबीर नगर के सेमरियावा ब्लॉक के खमरिया ग्राम पंचायत में पंचायत कार्यों में हुई कथित अनियमितताओं की शिकायत लिखित रूप में संबंधित अधिकारियों को दी। इस शिकायत से कुछ लोग नाराज हो गए। इसी आक्रोश में ग्राम खमरिया निवासी विकास चौधरी (पुत्र कन्हैया लाल चौधरी) ने पत्रकार को टारगेट करना शुरू कर दिया।
राहुल सिंह के मुताबिक, विकास चौधरी ने बार-बार उनके मोबाइल पर कॉल करके गालियां दीं और धमकियां दीं। सबसे गंभीर घटना 7 जनवरी 2026 की रात करीब 8:36 बजे हुई। आरोपी ने नंबर +91 84333 03232 से कॉल किया और न सिर्फ राहुल सिंह को, बल्कि उनके मीडिया चैनलों को भी बुरा-भला कहा। उन्होंने खुलेआम कहा, “मोबाइल में रिकॉर्ड कर लो, ग्राम खमरिया की शिकायत क्यों कर रहे हो? हम जान से मार देंगे, हमारा कुछ नहीं कर पाओगे।”
परिवार में फैला डर, रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपी
इस धमकी से राहुल सिंह और उनका परिवार डर के माहौल में जी रहा है। वे कहते हैं कि लगातार मिल रही कॉल्स और धमकियों से घर में असुरक्षा का डर है। अच्छी बात यह है कि धमकी वाली कॉल की रिकॉर्डिंग उनके फोन में सुरक्षित है, जिसे उन्होंने पुलिस को सबूत के रूप में सौंप दिया।
थाना सोनहा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तुरंत कार्रवाई की। मुकदमा संख्या 11/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (धमकी देना) और 31/3 (अन्य संबंधित धाराएं) लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे जांच और कार्रवाई की जाएगी।
50 लाख रुपए की मानहानि नोटिस
धमकी के अलावा, राहुल सिंह ने विकास चौधरी को 50 लाख रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भी भिजवाया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने धमकी देकर मानसिक उत्पीड़न किया, सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई और व्यावसायिक नुकसान पहुंचाया। नोटिस में कहा गया है कि तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर कोर्ट का रुख किया जाएगा। नोटिस आरोपी के घर पर पहुंच चुका है।
पत्रकार संगठनों ने की कड़ी निंदा
इस घटना पर पत्रकार संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे स्वतंत्र पत्रकारिता पर सीधा हमला बताया है। संगठनों का कहना है कि जब कोई पत्रकार भ्रष्टाचार या अनियमितताओं की शिकायत करता है, तो उसे धमकियां मिलना आम हो गया है। वे आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पत्रकारिता की सुरक्षा का सवाल
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। पत्रकार समाज के लिए आईना का काम करते हैं। अगर वे अपनी ड्यूटी निभाते हुए धमकियां झेलने लगें, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके सही कदम उठाया है, लेकिन आगे क्या होता है, यह देखना होगा। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा और पत्रकारों को सुरक्षित महसूस होगा।










