Asha Bahus Protest : लालगंज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत यहां आशा बहूओं (Asha Bahus) ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया आशा वर्कर्स यूनियन बैनर के तले किया गया है, और जमकर नारेबाजी की है।
बताते चलें कि बुधवार को ब्लाक सरेंनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आशा बहू वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आशा बहनों की चार सूत्री प्रमुख मांगों पर केंद्रित था, जिसमें बेहतर मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा, सेवा नियमितीकरण और पेंशन की सुविधा शामिल हैं। धरने का नेतृत्व यूनियन की अध्यक्ष गीता सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी पीड़ा व्यक्त की।

उन्होंने बताया कि वे दिन-रात, चाहे गर्मी हो, बरसात हो या कड़ाके की ठंड,पूरी निष्ठा और समर्पण से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं। फिर भी उन्हें अपर्याप्त मानदेय मिलता है, जिससे परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो जाता है। आशा बहुओं (Asha Bahus) को प्रतिमाह ₹15,000 से ₹20,000 तक एकमुश्त मानदेय प्रदान किया जाए।
उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।उनकी सेवा को नियमित किया जाए।पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।प्रदर्शन के बीच पूर्व विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। आशा बहुओं ने उन्हें अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा। पूर्व विधायक ने मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए आश्वासन दिया कि यह ज्ञापन वे प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रायबरेली तक पहुंचाएंगे और आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को मजबूती से उठाएंगे।
यूनियन अध्यक्ष गीता सिंह ने कहा, आशा बहुएं दिन-रात, गर्मी, बरसात और कड़ाके की ठंड में भी पूरी निष्ठा से कार्य करती हैं, फिर भी उन्हें पेट दबाकर सोना पड़ता है। ऐसे में हमारी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आशा बहुएं शामिल रहीं, जिनमें नीता रानी मौर्य, शिवकांति, संतोष कुमारी, मंजरी देवी, लक्ष्मी कुमारी, रेनू, विमला, सुमन सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थीं।









