Ayodhya : बीजेपी नेता के बेटे की दबंगई की हदें पार; पत्रकार के भाई को बंधक बनाकर पीटा, नंगा करके बनाया वीडियो

Ayodhya : भाजपा नेता के बच्चे के कृत्य पर रहम दिखा रही कोतवाली पुलिस

Ayodhya : रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सत्ता से जुड़े दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पत्रकारों के परिवार तक को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र से सामने आया यह सनसनीखेज मामला न केवल मानवता को शर्मसार करता है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी करारा तमाचा है।

आरोप है कि भाजपा नेता के बेटे, प्रतिष्ठित मौर्य मिष्ठान भंडार के भतीजे एवं मौर्य इलेक्ट्रॉनिक के संचालक गोलू मौर्य ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक को बंधक बनाकर घंटों यातनाएं दीं। पीड़ित युवक गणेश यादव, जो इलेक्ट्रॉनिक की दुकान पर कार्य करता है, को 19 जनवरी को दुकान में ही कैद कर बेरहमी से पीटा गया। निर्वस्त्र कर वीडियो बनाना, ठंडे पानी से यातना घटना ने तब और भी भयावह रूप ले लिया जब आरोपियों ने युवक को निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया और उस पर ठंडा पानी डालकर अमानवीय तरीके से पीटा।

बताया जा रहा है कि मारपीट इतनी बर्बर थी कि पीड़ित की जान तक खतरे में पड़ गई। डर और दहशत के कारण पीड़ित युवक कई दिनों तक चुप रहा। लेकिन जब उसके बड़े भाई, पत्रकार संजय यादव, ने उससे सख्ती से पूछा तो पूरा सच सामने आया। इसके बाद पीड़ित की ओर से कोतवाली अयोध्या में तहरीर दी गई। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, लेकिन सवाल बरकरार तहरीर के आधार पर पुलिस ने गोलू मौर्य और वीडियो बनाने वाले मोनू गुप्ता के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक कड़ी कार्रवाई न होना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है।

पत्रकार संगठनों में उबाल

पत्रकार के भाई के साथ हुई इस बर्बर घटना से जिले भर के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। कई पत्रकार संगठनों ने एक स्वर में कहा है कि “यदि पत्रकारों के परिवार भी इस सरकार में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा?” वही पत्रकार संगठनों ने चेतावनी भी दी है कि यदि आरोपियों पर तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन और धरना- प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।

सत्ता का रौब या कानून की हार?

यह मामला केवल एक युवक के साथ मारपीट का नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनप रही दबंगई का प्रतीक बन गया है। सवाल यह है कि क्या आरोपी सिर्फ इसलिए खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं क्योंकि वे राजनीतिक रसूख रखते है l अब देखना यह होगा कि अयोध्या पुलिस इस मामले में न्याय का साथ देती है या दबंगों के आगे एक बार फिर घुटने टेकती है।

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