Patna NEET Aspirant Rape Case: NEET छात्रा रेप केस,11 लोगों का DNA सैंपल – अब तक की पूरी कहानी

Patna NEET Aspirant Rape Case: नीट छात्रा मौत मामला, FSL रिपोर्ट ने खोला बड़ा राज – परिवार मांग रहा CBI जांच

NEET Aspirant Rape Case: बिहार की राजधानी पटना में एक NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई यह घटना बेहद दिल दहला देने वाली है। एक नाबालिग लड़की, जो डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी, हॉस्टल में बेहोश मिली, कई दिनों तक कोमा में रही और आखिरकार उसकी मौत हो गई। शुरू में पुलिस ने इसे आत्महत्या या दवा ओवरडोज बताया, लेकिन पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि उसके साथ बलात्कार हुआ था। अब जांच में बड़ा मोड़ आया है – रेप की पुष्टि हो चुकी है और DNA मैचिंग के लिए 11 लोगों के सैंपल ले लिए गए हैं। परिवार गुस्से में है, राजनीतिक दलों ने CBI जांच की मांग की है। आइए जानते हैं पूरी कहानी सरल भाषा में, स्टेप बाय स्टेप।

घटना कब और कैसे हुई?/Patna NEET Aspirant Rape Case

यह सब 6 जनवरी 2026 को शुरू हुआ। पटना के छीत्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली NEET छात्रा (जन्म: 3 सितंबर 2008, यानी नाबालिग) को उसके कमरे में बेहोश हालत में पाया गया। लड़की जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और NEET की तैयारी के लिए पटना आई थी। उसे पहले साहज सर्जरी अस्पताल में ले जाया गया, फिर शाम को प्रभात मेमोरियल अस्पताल में शिफ्ट किया गया। वहां दो दिन तक इलाज चला। 9 जनवरी को मेदांता अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिवार का आरोप है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं थी। लड़की के पिता ने 9 जनवरी को ही छीत्रगुप्त नगर थाने में FIR दर्ज कराई, जिसमें संदेह जताया गया।

पोस्टमॉर्टम ने खोला राज

12 जनवरी को पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में पोस्टमॉर्टम हुआ। रिपोर्ट 14 जनवरी को आई, जिसमें साफ लिखा था – लड़की के प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें हैं, बलात्कार हुआ है। शरीर पर नाखून के निशान, खरोंच, पीठ पर नीले निशान – सब बताते हैं कि लड़की ने काफी संघर्ष किया। डॉक्टरों का कहना है कि एक से ज्यादा लोगों का हाथ हो सकता है। यह रिपोर्ट परिवार के आरोपों को सही ठहराती है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने किया बड़ा खुलासा

24 जनवरी को FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट SIT को सौंपी गई। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि लड़की के कपड़ों (खासकर लेगिंग्स और अंडरगारमेंट्स) पर स्पर्म (वीर्य) के निशान मिले हैं। इससे रेप की 100% पुष्टि हो गई। पुलिस ने कहा कि अब DNA प्रोफाइल बनाकर आरोपी और संदिग्धों से मैच किया जाएगा।

DNA सैंपल: 11 लोगों तक पहुंची जांच

FSL रिपोर्ट के बाद जांच तेज हुई। 25 जनवरी को SIT ने जहानाबाद जाकर परिवार के सदस्यों का DNA सैंपल लिया – मां, पिता, भाई और दो मामा। 27 जनवरी को गार्डनिबाग अस्पताल में 6 अन्य संदिग्धों (जिनमें हॉस्टल से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं) के सैंपल लिए गए। कुल 11 लोगों के सैंपल अब DNA टेस्ट के लिए भेजे गए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आगे 25 तक लोगों के सैंपल लिए जा सकते हैं। हॉस्टल मालिक मनीष रंजन का भी ब्लड सैंपल लिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

  • हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है।
  • दो पुलिसकर्मियों – SI रोशनी कुमारी और दरोगा हेमंत झा को 24 जनवरी को सस्पेंड कर दिया गया, क्योंकि जांच में लापरवाही बरती गई।
  • 16 जनवरी को होम मिनिस्टर सम्राट चौधरी ने केस की संज्ञान लिया और SIT गठित की गई।
  • SIT ने CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स, लोकेशन और गवाहों से पूछताछ की। परिवार से भी कई बार पूछताछ हुई।
  • POCSO एक्ट (बच्चों के खिलाफ अपराध) की धाराएं लगाई जा रही हैं, क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी।

परिवार और राजनीतिक हंगामा

परिवार SIT पर भरोसा नहीं कर रहा। वे कहते हैं कि जांच को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। पिता ने DGP को पत्र लिखा। परिवार ने 12 जनवरी को PMCH के बाहर, फिर 13 जनवरी को गांधी मैदान के कर्गिल चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया।

राजनीति में भी हलचल मची:

  • VIP चीफ मुकेश साहनी ने PM को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
  • MP पप्पू यादव ने CM नीतीश कुमार से CBI जांच की मांग की। उन्होंने परिवार के DNA सैंपल लेने पर भी सवाल उठाए।
  • प्रशांत किशोर ने भी परिवार से मुलाकात की।

अब क्या स्थिति है?

जांच SIT के हाथ में है। DNA रिपोर्ट आने में कुछ दिन लग सकते हैं। अगर मैच हुआ तो असली दोषी पकड़ा जाएगा। परिवार न्याय की आस में है। यह मामला बिहार में लड़कियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। हॉस्टल में रहने वाली अन्य लड़कियां भी डर रही हैं।

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