Google Play 1.75 Million Apps Blocked : Google ने Android यूजर्स की सुरक्षा के लिए अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। कंपनी ने 2025 में 17.5 लाख से ज्यादा पॉलिसी-वायलेटिंग और फर्जी ऐप्स को Play Store पर पब्लिश होने से रोक दिया। साथ ही, 80,000 से अधिक खराब डेवलपर अकाउंट्स को स्थायी रूप से बैन कर दिया गया। यह आंकड़े Google की ऑफिशियल Android ऐप इकोसिस्टम सेफ्टी रिपोर्ट 2025 से सामने आए हैं, जो 19-20 फरवरी 2026 को जारी हुई। Google का कहना है कि AI-बेस्ड सिस्टम और मजबूत चेकिंग की वजह से पिछले सालों की तुलना में खराब ऐप्स की संख्या घटी है, लेकिन अभी भी लाखों फर्जी ऐप्स की कोशिशें हो रही हैं।
2025 में क्या-क्या हुआ? बड़े आंकड़े सामने

Google की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में कंपनी ने 1.75 मिलियन (17.5 लाख) से ज्यादा ऐप्स को Play Store पर आने से रोका, जो पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे। यह संख्या 2024 के 2.36 मिलियन और 2023 के 2.28 मिलियन से कम है, लेकिन फिर भी बहुत बड़ी है। इनमें ज्यादातर ऐप्स मालवेयर, स्कैम, फाइनेंशियल फ्रॉड, हिडन सब्सक्रिप्शन और प्राइवेसी चोरी करने वाले थे।
- 80,000+ डेवलपर अकाउंट्स बैन– ये अकाउंट्स बार-बार खराब ऐप्स पब्लिश करने की कोशिश कर रहे थे। Google ने इन्हें पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, ताकि भविष्य में ये Play Store पर वापस न आ सकें।
- 2.55 लाख ऐप्स को सेंसिटिव डेटा एक्सेस से रोका – ये ऐप्स यूजर्स के पर्सनल डेटा (जैसे लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स, फाइनेंशियल इंफो) तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे।
- 16 करोड़ फर्जी रिव्यू और रेटिंग्स हटाई गईं– स्पैम रिव्यूज को ब्लॉक करके यूजर्स को नकली रेटिंग्स के झांसे में आने से बचाया गया।
- Google Play Protect की ताकत – Android का बिल्ट-इन डिफेंस सिस्टम रोजाना 350 अरब ऐप्स स्कैन करता है। 2025 में इसने Play Store के बाहर से 27 मिलियन नई मालिशियस ऐप्स को डिटेक्ट किया और यूजर्स को वार्निंग दी या ब्लॉक कर दिया। फर्जी ऐप्स के खतरे: पैसे चोरी से लेकर डेटा लीक तक
ये फर्जी ऐप्स यूजर्स के लिए बड़ा खतरा थे। कई ऐप्स दिखने में नॉर्मल लगते थे – जैसे गेम्स, यूटिलिटी टूल्स, फाइनेंशियल ऐप्स या एंटीवायरस – लेकिन अंदर से मालवेयर छिपा होता था। ये:
- यूजर्स के बैंक डिटेल्स, OTP या UPI चुरा लेते थे।
- बिना बताए पेड सब्सक्रिप्शन एक्टिव कर पैसे काट लेते थे।
- स्पाईवेयर से फोन की स्क्रीनशॉट्स, कॉल्स या मैसेज चुराते थे।
- फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए सेंसिटिव परमिशन्स का गलत इस्तेमाल करते थे।
Google ने एन्हांस्ड फ्रॉड प्रोटेक्शन को 185 मार्केट्स में फैलाया, जिसने 26.6 करोड़ रिस्की इंस्टॉलेशन अटेम्प्ट्स ब्लॉक किए और 8.72 लाख हाई-रिस्क ऐप्स से यूजर्स को बचाया।
क्या है Google की AI और नई स्ट्रैटेजी
Google ने बताया कि उसके जनरेटिव AI मॉडल्स ने ऐप रिव्यू प्रोसेस को तेज और एक्यूरेट बनाया है। अब ऐप्स की जांच डेवलपमेंट स्टेज से ही शुरू हो जाती है।
- डेवलपर वेरिफिकेशन और मैंडेटरी प्री-रिव्यू चेक्स से खराब एक्टर्स के लिए रास्ता मुश्किल हो गया।
- Android Studio और Play Store Data Safety सेक्शन में AI टूल्स इंटीग्रेटेड हैं।
- कंपनी का फोकस ईमानदार डेवलपर्स को सपोर्ट करने और खराब एक्टर्स को बाहर करने पर है।
Google की VP Vijaya Kaza ने कहा, हम यूजर्स की सुरक्षा को टॉप प्रायोरिटी देते हैं। ये कार्रवाई हमारे प्रोएक्टिव प्रोटेक्शन्स और अकाउंटेबिलिटी की वजह से संभव हुई। हम AI को और मजबूत कर रहे हैं ताकि Play Store सुरक्षित रहे।
भारतीय यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा? ज्यादा सेफ्टी और कम ठगी
भारत में करोड़ों Android यूजर्स हैं, जहां UPI फ्रॉड और फेक ऐप्स की समस्या आम है। इस कार्रवाई से फेक फाइनेंशियल ऐप्स, लोन स्कैम ऐप्स और मालवेयर वाले गेम्स कम होंगे। Google Play Protect ऑन रखने की सलाह दी गई है – यह ऑटोमैटिकली खराब ऐप्स ब्लॉक करता है, यहां तक कि साइडलोडेड ऐप्स को भी।
निष्कर्ष
17.5 लाख फर्जी ऐप्स रोके जाना और 80 हजार डेवलपर्स बैन करना बड़ा मैसेज है – नियम तोड़ने वालों को कोई मौका नहीं। यूजर्स को सलाह है: हमेशा ऑफिशियल Play Store से ऐप्स डाउनलोड करें, Play Protect ऑन रखें और संदिग्ध ऐप्स रिपोर्ट करें। भविष्य में AI की मदद से Play Store और सुरक्षित बनेगा।










