Hurun Global Rich List 2026: हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 ने दुनिया के अमीरों की तस्वीर बदल दी है। इस साल चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया में सबसे ज्यादा अरबपतियों वाला देश बन गया है। हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की इस रिपोर्ट में कुल 4,020 अरबपति शामिल हैं, जो पिछले साल से 578 ज्यादा हैं – यह एक नया विश्व रिकॉर्ड है। चीन में अब 1,110 अरबपति हैं, जबकि अमेरिका में 1,000। भारत तीसरे नंबर पर है, जहां 308 अरबपति हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि दुनिया की धन-संपदा तेजी से बढ़ रही है, और टेक्नोलॉजी, AI जैसे सेक्टर इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। आइए जानते हैं पूरी डिटेल और वजहें।
कैसे छोड़ा चीन ने अमेरिका को पीछे?/Hurun Global Rich List 2026
पिछले साल चीन में 287 नए अरबपति बने, जबकि अमेरिका में सिर्फ 130। चीन ने पिछले तीन सालों में हुए नुकसान की भरपाई कर ली है और फिर से दुनिया का ‘बिलियनेयर कैपिटल’ बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के नए अरबपतियों में ज्यादातर इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स, सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर और एनर्जी सेक्टर से जुड़े हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने सबसे बड़ा रोल प्ले किया – वैश्विक स्तर पर AI से 114 नए अरबपति बने, जिनमें से 46 पहली बार लिस्ट में आए।

उदाहरण के तौर पर AI स्टार्टअप MiniMax के Yan Junjie की संपत्ति 3.6 अरब डॉलर पहुंच गई, जबकि Zhipu AI के फाउंडर की 1.2 अरब डॉलर। चीन की सरकार ने प्राइवेट सेक्टर को सपोर्ट किया, स्टॉक मार्केट में तेजी आई और टेक कंपनियां फिर से उछलीं। इससे चीन ने अमेरिका की बादशाहत छीन ली, जो कई सालों से नंबर-1 था।
अमेरिका दूसरे नंबर पर क्यों?
अमेरिका में कुल 1,000 अरबपति हैं, जो दूसरे स्थान पर है। यहां टेक दिग्गजों का दबदबा है। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क हैं, जिनकी संपत्ति 792 अरब डॉलर है – पिछले साल से 89% की बढ़ोतरी। यह पांचवीं बार है जब मस्क टॉप पर हैं, मुख्य रूप से टेस्ला के शेयरों की उछाल से। दूसरे नंबर पर जेफ बेजोस (300 अरब डॉलर) और तीसरे पर लैरी पेज (281 अरब डॉलर) हैं। अमेरिका में नए अरबपति कम बने, लेकिन कुल संपत्ति में अभी भी टेक कंपनियां आगे हैं।
भारत तीसरे स्थान पर मजबूत
भारत में 308 अरबपति हैं, जो पिछले साल से 24 ज्यादा हैं। भारत लगातार तीसरे नंबर पर कायम है और दुनिया में तेजी से बढ़ते अरबपतियों वाले देशों में शुमार है। पिछले कुछ सालों में भारत में स्टार्टअप, टेक, फार्मा और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर ने कई नए अमीर पैदा किए हैं। मुकेश अंबानी जैसे बड़े नामों के अलावा कई नए चेहरे लिस्ट में आए हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत की अर्थव्यवस्था में तेज ग्रोथ, स्टॉक मार्केट की अच्छी परफॉर्मेंस और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट की वजह से अरबपतियों की संख्या बढ़ रही है।
अन्य देशों में जर्मनी चौथे स्थान पर (171 अरबपति) है, जिसने ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया। कुल मिलाकर, दुनिया के 4,020 अरबपतियों में से चीन, अमेरिका और भारत के अरबपति सबसे ज्यादा हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं अरबपति?
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 726 नए अरबपति बने, जिनमें से 318 चीन से हैं। AI, टेक्नोलॉजी और उभरते सेक्टरों ने धन सृजन में बड़ा योगदान दिया। स्टॉक मार्केट में तेजी, सरकारी सपोर्ट और इनोवेशन ने अमीरों की संख्या बढ़ाई। हुरुन ग्रुप के फाउंडर रुपर्ट हूवरफ ने कहा कि चीन ने अपनी आर्थिक ताकत दिखाई है, जबकि अमेरिका टेक पर निर्भर है। भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।










