उत्तर प्रदेश के संभल जिले के गुन्नौर कस्बे से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। ग्राम नंदरौली का एक परिवार, जहां शाम को बारात निकलनी थी, वहां अचानक चीख-पुकार और रोने की आवाजें गूंजने लगीं। शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।
मंगलवार का दिन इस परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया, जब गंगा स्नान के दौरान 11 वर्षीय मासूम माधव की डूबकर मौत हो गई।

शादी की तैयारियों के बीच हुआ हादसा
ग्राम नंदरौली निवासी माधव, जो अमित का बेटा था, अपने ताऊ मुकेश, ताई मीरा और चचेरे भाई यशकांत (12 वर्ष) के साथ इसामपुर गंगा घाट पर गंगा स्नान करने गया था।
परिवार में शादी का माहौल था। मुकेश हरियाणा के कैथल में फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं और अपने गांव शादी में शामिल होने आए थे। उसी दिन उनके चचेरे भाई आकाश की बारात जानी थी। घर में मेहमानों की भीड़, हंसी-खुशी और तैयारियों का माहौल था। इसी बीच मुकेश ने सोचा कि गांव आए हैं तो ससुराल भी हो आएं और साथ में गंगा स्नान कर लें। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह फैसला इतना भारी पड़ जाएगा।
नहाते-नहाते गहरे पानी में पहुंचे बच्चे
गंगा घाट पर सब कुछ सामान्य था। बच्चे खेलते-खेलते पानी में उतर गए। धीरे-धीरे नहाते-नहाते माधव और यशकांत गहरे पानी की ओर चले गए। बताया जा रहा है कि अचानक उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव में फंस गए। देखते ही देखते दोनों बच्चे डूबने लगे। बच्चों की चीख सुनते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन, लेकिन नहीं बच सकी जान
घाट पर मौजूद गोताखोरों ने तुरंत गंगा में छलांग लगा दी। मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से बच्चों को खोजने की कोशिश शुरू हुई। घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। परिजन किनारे खड़े रोते-बिलखते रहे। हर गुजरते पल के साथ उनकी उम्मीदें कमजोर होती जा रही थीं। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
दोनों बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने 11 वर्षीय माधव को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। वहीं यशकांत की हालत गंभीर थी, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
माधव के पिता अमित खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां सीमा बेसुध हो गईं। वह अपने बच्चे के शव से लिपटकर लगातार रोती रहीं। घर में कोहराम मच गया। जहां कुछ देर पहले शादी की तैयारी चल रही थी, वहां अब सिर्फ रोने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
पढ़ाई में होनहार था माधव
माधव अपने परिवार का बड़ा बेटा था। उसकी एक छोटी बहन माधवी (5 वर्ष) है। वह पीपीएस स्कूल सेजना मुस्लिम में कक्षा 2 का छात्र था।
परिजनों के अनुसार वह पढ़ाई में होनहार और स्वभाव से बेहद शांत था। पूरे गांव में उसे सभी प्यार करते थे। उसकी अचानक मौत ने हर किसी को अंदर तक हिला दिया।
सम्मानित परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों ने बताया कि माधव के दादा सरदार सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। परिवार का गांव में काफी सम्मान है। ऐसे परिवार पर आई इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को दुखी कर दिया है। गांव नंदरौली में हर आंख नम है। लोग इस घटना को याद कर सिहर उठते हैं।
बारात की जगह गूंजीं चीखें
जिस घर से शाम को बारात निकलनी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। ढोल-नगाड़ों की जगह रोने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।










