International Womens Day : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर महिला एवं बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा कराटे की प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

International Womens Day : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बोकारो थर्मल में उत्कल कराटे स्कूल झारखंड शाखा द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा कराटे प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें जिले के कई प्रखंडों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर सीखे सुरक्षा के गुर।

बोकारो थर्मल: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Womens Day) के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बोकारो क्लब परिसर में विशेष कराटे प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर उत्कल कराटे स्कूल झारखंड शाखा की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनाना था।

कई प्रखंडों से पहुंचीं प्रतिभागी

इस प्रशिक्षण शिविर में बोकारो जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। गोमिया, पेटरवार, कसमार, जरीडीह, चास, नावाडीह और चंदनकियारी जैसे प्रखंडों से आई महिलाओं और बालिकाओं ने कराटे की बुनियादी तकनीकों का अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली संभावित खतरनाक परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए।

प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा का बताया महत्व

कार्यक्रम में महिला प्रशिक्षक पायल कुमारी ने कहा कि आज के समय में हर युवती के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि कराटे जैसे मार्शल आर्ट न केवल सुरक्षा का साधन हैं, बल्कि यह आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यक्तित्व विकास में भी मददगार साबित होते हैं।

पायल कुमारी के अनुसार, यदि युवतियां इस प्रशिक्षण को गंभीरता से सीखें तो वे आगे चलकर स्वयं भी प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर सकती हैं और खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।

कराटे से मिलता है अनुशासन और आत्मविश्वास

उत्कल कराटे स्कूल झारखंड शाखा के मुख्य प्रशिक्षक सेंसाई महादेव गोप ने बताया कि कराटे केवल लड़ाई की कला नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, संयम और आत्मविश्वास सिखाने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं को एक सकारात्मक और शिक्षाप्रद वातावरण मिलता है।

उन्होंने यह भी कहा कि आत्मरक्षा की कला हर महिला, पुरुष और बच्चों को सीखनी चाहिए, क्योंकि यह किसी भी आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा करने की क्षमता प्रदान करती है। इसके साथ ही मानसिक सतर्कता और परिस्थिति को समझने की क्षमता भी विकसित होती है।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस प्रशिक्षण शिविर में कई प्रशिक्षक और प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूजा प्रमाणिक, नेहा कुमारी, प्रीति कुमारी, जयश्री सेन, डोली कुमारी, कुसुम कुमारी, काजल कुमारी, नकुल यादव, विक्रम कुमार और राजेश रविदास सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मरक्षा के गुर सीख सकें।

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