Bokaro : बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बुडगडा में सोमवार को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की समय पर जांच कर उन्हें जरूरी चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना था। शिविर के आयोजन से स्कूल परिसर में पूरे दिन उत्साह का माहौल बना रहा और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया।
68 छात्रों की हुई स्वास्थ्य जांच

स्वास्थ्य शिविर के दौरान चिकित्सकों की टीम ने विद्यालय के कुल 68 छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने बच्चों की सामान्य शारीरिक जांच के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी ध्यानपूर्वक सुना। जांच के बाद बच्चों को उनके स्वास्थ्य के अनुसार आवश्यक सलाह दी गई, ताकि वे भविष्य में किसी गंभीर बीमारी से बच सकें।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रही मौजूद
इस स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों और सामाजिक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। शिविर में शामिल प्रमुख लोग इस प्रकार रहे —
- डॉ. रितंकर चक्रब्रती
- एम.डी. कलीम अंसारी
- गौतम मंडल
- सीएसआर प्रतिनिधि विकास कुमार यादव
इन सभी ने मिलकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
मुफ्त दवाओं और विटामिन का वितरण
जांच के बाद जिन छात्रों को चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी, उन्हें मौके पर ही मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई गईं। डॉक्टरों ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें विटामिन की दवाएं भी दीं। डॉक्टरों का कहना था कि नियमित जांच और सही पोषण से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से संभव हो सकता है।
स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने जताई खुशी
विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय अभिभावकों ने इस स्वास्थ्य शिविर की सराहना की। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर बेहद उपयोगी साबित होते हैं। इससे बच्चों को समय पर स्वास्थ्य जांच और सही सलाह मिलती है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ स्वस्थ जीवन की ओर भी अग्रसर होते हैं।
जागरूकता के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद
शिविर के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें साफ-सफाई, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की महत्वता के बारे में बताया। विद्यालय परिवार का मानना है कि इस तरह की पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।










