MGNREGA Workers : रायबरेली जिले के अमावां ब्लॉक में कार्यरत मनरेगा कर्मियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। कई महीनों से मानदेय न मिलने से परेशान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार योजनाओं के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इस स्थिति ने उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
जुलाई 2025 से मानदेय और ईपीएफ भुगतान लंबित

मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश शाखा अमावां की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि ब्लॉक में कार्यरत कर्मचारियों को जुलाई 2025 से अब तक मानदेय नहीं मिला है। इसके साथ ही ईपीएफ की देयता भी लंबे समय से लंबित पड़ी है। कर्मचारियों ने कहा कि विभागीय शिथिलता के कारण वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
त्योहार भी गुजरे बिना वेतन के
कर्मचारियों ने बताया कि बीते वर्ष दीपावली के समय भी उन्हें वेतन नहीं मिला था और अब होली का त्योहार भी बिना वेतन के ही गुजर गया। इससे उनके परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों के अनुसार, वेतन न मिलने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य जिम्मेदारियां निभाना कठिन हो गया है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में यह भी कहा कि लगातार वेतन न मिलने के कारण कई स्थानों पर मनरेगा कर्मियों के आत्महत्या जैसे गंभीर मामले भी सामने आ चुके हैं। उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील स्थिति बताते हुए कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित जीवन के अधिकार के विपरीत है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उनका लंबित मानदेय और ईपीएफ का भुगतान कराया जाए।
इस मौके पर भूपेंद्र प्रताप सिंह, अखिलेश सिंह, रामपाल, निशा सिंह, रामकुमार, आशा यादव, प्रेम कुमारी सिंह, अजय सिंह, कमल किशोर, हरेंद्र सिंह, रामविलास, हरिराम, संतलाल भारती, अफसाना बानो, रामकुमार, रश्मि सिंह, गोपी कृष्ण, वीरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, कमलेश कुमार, भवरेश साहू, आशुतोष श्रीवास्तव, हंसराज सिंह, पवन कुमार श्रीवास्तव, अशर्फीलाल, दीपिका सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।










