Raebareli Daughter Injustice: रायबरेली जिले में एक परिवार गहरे दुख और अन्याय का सामना कर रहा है। मिल एरिया थाना क्षेत्र के पुरे विक्रमादित मादरे रतनीसीपुर के निवासी ऊभन यादव ने अपनी बेटी रंजना के साथ हुए व्यवहार और घटना के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से लेकर उच्च अधिकारियों तक न्याय की मांग की है। यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि परिवार लंबे समय से परेशानी झेल रहा है और अब न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है।
शादी के बाद शुरू हुई परेशानि/Raebareli Daughter Injustice
रंजना की शादी लगभग 15 साल पहले संतोष कुमार से हुई थी। संतोष शिव शंकर के पुत्र हैं और पुरे कुंहारन मजरे मलिहा मऊ, थाना भदोखर के रहने वाले हैं। ऊभन यादव के अनुसार शादी के बाद से ही रंजना को घरवालों से परेशानी का सामना करना पड़ा। संतोष, उसकी भाभी, राम लखन, राम लखन की पत्नी, अवधेश और लक्ष्मी जैसे परिवार के सदस्यों के साथ रंजना का व्यवहार ठीक नहीं रहा। जब रंजना इन बातों का विरोध करती तो घर में झगड़े बढ़ जाते थे। परिवार में लगातार तनाव बना रहता था। रंजना कई बार अपने पिता को अपनी परेशानी बताती थी, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और खराब होती गई।

4 मार्च की घटना ने तोड़ा परिवार
4 मार्च 2026 को शाम करीब साढ़े तीन बजे की यह घटना है जिसने पूरे परिवार को हिला दिया। संतोष ने खुद ऊभन यादव को फोन करके सूचना दी। जब ऊभन घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने अपनी बेटी को चारपाई पर लिपटी पाया। यह दृश्य देखकर परिवार सदमे में चला गया। इतने सालों की लाड़ली बेटी अचानक चली गई, यह किसी के लिए भी सहन करने वाली बात नहीं थी। परिवार वाले रोते-बिलखते रह गए।
थाने में शिकायत, लेकिन कार्रवाई में देरी
घटना के बाद परिजनों ने तुरंत थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूरी बात बताई और जांच की मांग की। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि दूसरी तरफ से गुमराह करने वाली जानकारी दी गई है, जिससे अधिकारी भ्रमित हो गए हैं। आरोपी पक्ष अभी भी खुले में घूम रहा है और परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है। इससे परिवार में डर का माहौल बना हुआ है। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द मामला दर्ज हो और जांच शुरू हो।
उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत
ऊभन यादव ने चुप नहीं बैठे। उन्होंने रायबरेली के पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), आईजी, डीआईजी और मुख्यमंत्री को विस्तृत लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में उन्होंने पूरी घटना का ब्यौरा दिया है। उन्होंने मांग की है कि मामले की तत्काल जांच हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य जरूरी वैज्ञानिक जांच कराई जाए। परिवार चाहता है कि जांच निष्पक्ष हो और सच सामने आए। उन्होंने कहा है कि अगर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार की मांग और आंदोलन की चेतावनी
ऊभन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे न्याय के लिए लड़ेंगे। अगर उन्हें समय पर न्याय नहीं मिला तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। परिवार का कहना है कि वे सिर्फ निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्हें लगता है कि पुलिस की ओर से लापरवाही बरती जा रही है और मामला दबाने की कोशिश हो रही है। वे हर स्तर पर अपनी आवाज उठाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो अदालत का भी रुख करेंगे। लेकिन अभी उनकी मुख्य उम्मीद पुलिस और प्रशासन से है कि वे जल्द कार्रवाई करें।
समाज में बढ़ती चिंता
रायबरेली में यह मामला अब लोगों के बीच चर्चा में है। समाज के लोग कह रहे हैं कि बेटियों को शादी के बाद भी परिवार में सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। अगर घर में कोई समस्या है तो उसे बातचीत, समझदारी या जरूरत पड़ने पर कानूनी रास्ते से सुलझाना चाहिए। इस तरह की घटनाएं समाज में चिंता पैदा करती हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द सक्रिय होगी और परिवार को न्याय मिलेगा।
परिवार का दर्द और न्याय की उम्मीद
ऊभन यादव और उनका परिवार बहुत दुखी है। बेटी की कमी उन्हें हर पल खल रही है। घर में मातम का माहौल है। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और उन्हें न्याय मिले। परिवार वाले रोज थाने के चक्कर लगा रहे हैं। वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि मामले को गंभीरता से लिया जाए। उम्मीद है कि जल्द ही जांच शुरू होगी और परिवार को सुकून मिलेगा।










