रायबरेली जिले में दबंगों की दबंगई का एक और मामला सामने आया है, जहां जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है। मामला डीह थाना क्षेत्र के रोखा पूरे पिरथी गांव का है, जहां दबंगों पर सहन की जमीन पर जबरन कब्जा करने और विरोध करने पर आग लगाने का आरोप लगा है।
पीड़ितों के अनुसार, संबंधित जमीन उनकी वसीयत में दर्ज है, इसके बावजूद गांव के कुछ दबंग लोग जबरन उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि दबंगों ने पहले जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया और जब विरोध किया गया तो सहन की जमीन पर आग लगा दी, जिससे माहौल में दहशत फैल गई।

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत डीह थाना पुलिस से की, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा आरोप यह भी है कि पुलिस की मिलीभगत से विपक्षी पक्ष को कब्जा करवाने की कोशिश की जा रही है। यह आरोप पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि इस जमीन विवाद को लेकर पहले लेखपाल और एसडीएम द्वारा मौके पर जांच कर अवैध कब्जे पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद दबंग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
न्याय की आस में भटक रहे पीड़ितों ने आखिरकार शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 1 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उन्हें उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
इस मामले में पीड़ित उम्मतुन निशा, गुलफाम रजा और रिहान ने अपनी-अपनी पीड़ा बयान करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या पीड़ितों को यूं ही न्याय के लिए भटकना पड़ेगा। पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।










