फतेहगढ़ : पंजाब के Fatehgarh Sahib में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसने बैसाखी की खुशियों को मातम में बदल दिया। Baisakhi के अवसर पर माथा टेककर लौट रही श्रद्धालुओं से भरी एक बस गांव भटेड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जबकि दो गंभीर रूप से घायल लोगों को PGIMER Chandigarh रेफर किया गया है।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के मौके पर Anandpur Sahib गई हुई थी। श्रद्धालु वहां माथा टेककर देर रात वापस लौट रहे थे। बस में गांव डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के लोग भी सवार थे।
जब बस गांव मैण माजरी से करीब 3 किलोमीटर पहले भटेड़ी गांव के पास पहुंची, तभी अचानक हादसा हो गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
अभी तक स्पष्ट नहीं कारण
फिलहाल इस हादसे के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सड़क की हालत या ड्राइवर का नियंत्रण खोना इसकी वजह हो सकती है, लेकिन अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हादसे के बाद जब प्रशासन के अधिकारी, जिनमें एसडीएम और अन्य कर्मचारी शामिल थे, मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। लोगों का कहना है कि इलाके की सड़कें लंबे समय से खराब हालत में हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस हादसे के लिए खराब सड़कों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि अगर समय रहते सड़कों की मरम्मत कर दी जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई।
अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज दिया जाएगा।
इलाके में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। बैसाखी जैसे खुशी के त्योहार पर इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं प्रशासन ने भी हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
जांच के आदेश
प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जाएगा और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी










