रायबरेली के शहर कोतवाली क्षेत्र के सोनिया नगर में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां रेलवे ट्रैक पार करते समय एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां जो हुआ उसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, सोनिया नगर निवासी तिलक कुमार शनिवार रात करीब 9 बजे रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह बुरी तरह घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और सभी ने मिलकर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल पर लापरवाही के आरोप
घायल युवक को जब जिला अस्पताल लाया गया, तो परिजनों को उम्मीद थी कि तुरंत इलाज मिलेगा। लेकिन उनका आरोप है कि अस्पताल की इमरजेंसी में करीब एक घंटे तक उन्हें स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इस दौरान युवक दर्द से तड़पता रहा और उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
परिजनों का कहना है:
- समय पर स्ट्रेचर नहीं मिला
- इलाज शुरू होने में काफी देर हुई
- डॉक्टरों और स्टाफ की सक्रियता नजर नहीं आई
मौत के बाद भड़का गुस्सा
जब काफी देर बाद इलाज शुरू हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तिलक कुमार ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और लापरवाही का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि यदि समय रहते इलाज मिलता, तो युवक की जान बच सकती थी।
पुलिस मौके पर पहुंची
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
फिलहाल पुलिस:
- पूरे हादसे की जांच कर रही है
- अस्पताल प्रशासन की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है
स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। इमरजेंसी जैसी स्थिति में भी यदि मूलभूत सुविधाएं समय पर न मिलें, तो मरीज की जान पर बन आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।










