ओडिशा (Odisha) के बड़बिल स्थित बोलानी टाउनशिप में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Labor Day) बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। इस मौके पर केंदुझर माइनिंग वर्कर्स यूनियन (सीटू) के कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रमिक शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम में मजदूरों के अधिकार, एकता और सम्मानजनक जीवन की बात प्रमुख रूप से सामने आई।
झंडा फहराकर कार्यक्रम की हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत यूनियन के झंडा फहराकर की गई। जैसे ही झंडा फहराया गया, पूरे परिसर में “मजदूर एकता जिंदाबाद” और “श्रमिक एकता अमर रहे” जैसे नारों की गूंज सुनाई देने लगी। इस दौरान माहौल पूरी तरह जोश और उत्साह से भरा हुआ था। श्रमिकों ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

श्रमिक समाज के निर्माता: जगन्नाथ साहू
इस अवसर पर यूनियन के सचिव जगन्नाथ साहू ने अपने संबोधन में कहा कि “श्रमिक समाज के असली निर्माता हैं और सम्मानजनक जीवन जीना उनका अधिकार है।” उन्होंने कहा कि खेत-खलिहानों से लेकर फैक्ट्रियों और निर्माण स्थलों तक हर जगह मजदूरों का पसीना बहता है, जिससे देश की तरक्की होती है। ऐसे में समाज और देश दोनों ही श्रमिकों के ऋणी हैं।
एकता ही अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
उन्होंने आगे कहा कि आज भी कई जगहों पर मजदूरों को उनके हक और अधिकार नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सभी श्रमिक एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ने की सबसे बड़ी ताकत श्रमिक एकता ही है। जब मजदूर एक साथ खड़े होते हैं, तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत
कार्यक्रम में यूनियन के उपाध्यक्ष हाडीबंधू साहू ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मजदूरों को सिर्फ मेहनत करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के बारे में भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे संगठित रहें और किसी भी तरह के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे न हटें।
मजदूर दिवस संघर्ष की याद दिलाता है
श्रमिक नेता दामोदर कारूवा ने भी मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में मजदूरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कई बार उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करते रहना है।
महिला श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों की भागीदारी भी देखने को मिली। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाई। इससे यह साफ नजर आया कि अब महिला श्रमिक भी अपने हक के लिए खुलकर सामने आ रही हैं।
मिठाई के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को मिठाई खिलाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं दीं और यह संकल्प लिया कि वे हमेशा एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।
मजदूरों के सम्मान से ही देश का विकास संभव
यह कार्यक्रम सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि एक मजबूत संदेश था कि मजदूर ही समाज और देश की असली नींव हैं। जब तक उन्हें उनका हक और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समाज का समुचित विकास संभव नहीं है। इसलिए जरूरी है कि हर स्तर पर मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की जाए और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।










