Buddha Purnima : रायबरेली डलमऊ में वैशाख माह की बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा तट डलमऊ के एक दर्जन से अधिक स्नान घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
श्रद्धालुओं ने मां गंगा की अमृतमई जलधारा में गंगा मैया के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगाई और गंगा तट के किनारे स्थित मंदिरों और शिवालयों में जलाभिषेक करते हुए पूजा अर्चना के मन्नते मांगी।

शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा तट डलमऊ के किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट आदि के साथ लगभग एक दर्जन से अधिक स्नान घाटों पर गंगा तट डलमऊ पहुंचे लगभग कई हजारों से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा मैया के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगाई और अपने तीर्थ पुरोहितों को यथाशक्ति दान दक्षिणा देते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। मान्यता है कि आज ही के दिन बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं के साथ कस्बे की जर्जर सड़कों से गुजरना पड़ा तो वही नगर पंचायत की उदासीनता का खामियांजा श्रद्धालुओं को गंगा तट के किनारे व्याप्त गंदगी और गंगा नदी के जलधारा में गिरते गंदे नालों के पानी के बीच गंगा स्नान करने पर मजबूर होना पड़ा। कस्बे की सकरी गलियों सहित मुराई बाग मुख्य चौराहे से रायबरेली रोड सराय दिलावर के पास बनी पुलिया काफी दिनों से क्षति ग्रस्त होने के चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया सैकडो वाहन कतार में जाम के झाम में फंसे रहे। दूसरी तरफ हो रही चिलचिलाती धूप में घंटो से फसे भीषण जाम में श्रद्धालु पसीना बहाते हए किसी तरह अपने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे थे।
वही पुलिस प्रशासन की उदासीनता के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए पूर्णिमा के दिन ओवरलोड डंपरो पर रोक नहीं लगाई गई जिससे कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी श्रद्धालुओं के बीच डंफरो का आवागमन लगातार जारी रहा। ज्यादा तर जाम का कारण भी ओवरलोड डंपर बन रहे थे। कोतवाली प्रभारी राघवन सिंह ने बताया कि गंगा स्नान में किसी प्रकर की कोई घटना नहीं हुई कस्बे में कुछ जाम की स्थिति उत्पन्न हुई जिसे मौजूद पुलिस बल द्वारा समय रहते जाम से छुटकारा दिलाया गया।










