रायबरेली में बच्चों की तस्करी का बड़ा खुलासा: ट्रेन से मासूम चुराकर बेचता था गिरोह, 4 महिलाएं समेत 9 गिरफ्तार

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों को बनाते थे निशाना, 9 माह का बच्चा सकुशल बरामद

रायबरेली जनपद की उत्तर प्रदेश पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी, जब कोतवाली नगर पुलिस टीम ने मासूम बच्चों की चोरी कर उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 महिलाओं समेत कुल 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 9 माह के अपहृत शिशु को सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि वारदात में प्रयुक्त एक कार को भी सीज किया गया है।

पूरा मामला उस समय सामने आया जब मध्य प्रदेश निवासी एक महिला ने थाना कोतवाली नगर में अपने 9 माह के बच्चे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली से अपने मायके जा रही थी। यात्रा के दौरान ट्रेन में मिले एक महिला और पुरुष ने बच्चे को खिलाने के बहाने गोद में लिया और रायबरेली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर मौका पाकर बच्चे को लेकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर पूरे गिरोह का खुलासा कर लिया गया।

पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरोह अस्पतालों, दलालों और आशा बहुओं के माध्यम से निसंतान दंपत्तियों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद नवजात और छोटे बच्चों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क संचालित किया जाता था। आरोपियों द्वारा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बच्चों का अपहरण कर उन्हें लाखों रुपये में बेचने का काम किया जाता था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क के विस्तार की भी जांच कर रही है।

इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने कहा कि बच्चों की तस्करी और अपहरण जैसे अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा।

Other Latest News

Leave a Comment