शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे जायस, दर्शन और आशीर्वाद के लिए उमड़ा जनसैलाब

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की दिलाई शपथ, गौरक्षा संकल्प यात्रा से दिया सनातन संस्कृति संरक्षण का संदेश

अमेठी: ज्योतिर्मठ के पूज्य शंकराचार्य अपनी गौरक्षा संकल्प यात्रा के तहत अमेठी जनपद के जायस पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं और सनातन धर्म प्रेमियों ने उनका भव्य स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिला। जगह-जगह फूल-मालाओं, जयघोष और धार्मिक नारों के साथ संत का अभिनंदन किया गया।

सुबह से ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। यात्रा मार्ग में कई स्वागत मंच बनाए गए थे, जहां स्थानीय लोगों और धर्म प्रेमियों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता की रक्षा, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की शपथ दिलाई और कहा कि गौ रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों की पहचान है।

उन्होंने कहा कि देशभर में सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को मजबूत करने के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा। गौरक्षा संकल्प यात्रा के माध्यम से वे जन-जन तक गौ सेवा, धर्म रक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश पहुंचा रहे हैं।

शंकराचार्य ने नई पीढ़ी से भारतीय संस्कारों और सनातन परंपराओं को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को समझकर आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकता बनाए रखने और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण पर भी बल दिया।

जायस और अमेठी क्षेत्र में शंकराचार्य के आगमन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे मार्ग में “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया।

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