Raebareli News: जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर फिर उठे सवाल, फार्मासिस्ट द्वारा बाहर की दवा लिखने का वीडियो वायरल; CMS ने दिए जांच के निर्देश

Raebareli: रायबरेली जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई हैं। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 की रात सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस शुरू हो गई। वीडियो में दावा किया गया है कि इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे मरीज को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं देने के बजाय बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्चा दिया गया। हालांकि, इस वीडियो की अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी या स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

तीमारदार ने बनाया वीडियो, लगाए गंभीर आरोप

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो किसी मरीज के तीमारदार ने बनाया है। वीडियो में यह आरोप लगाया गया है कि उपचार के दौरान मरीज को ऐसी दवाएं लिखी गईं, जिन्हें अस्पताल से उपलब्ध कराने के बजाय मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियां किस संदर्भ में थीं और आरोप पूरी तरह सही हैं या नहीं।

पुराना कार्यालयी पत्र भी वायरल, लेकिन संबंध स्पष्ट नहीं

वायरल वीडियो के साथ एक पुराना कार्यालयी पत्र भी सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। पत्र वर्ष 2024 का बताया जा रहा है, जिसमें एक शिकायत की जांच के बाद संबंधित फार्मासिस्ट का पटल परिवर्तन किए जाने का उल्लेख है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो और उक्त पत्र का आपस में कोई सीधा संबंध है या नहीं।

लोगों की मांग- जांच हो निष्पक्ष और पारदर्शी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। वहीं, यदि वायरल वीडियो भ्रामक या अधूरी जानकारी के आधार पर बनाया गया है तो प्रशासन को उसकी भी सच्चाई सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि अफवाहों पर विराम लग सके। लोगों की मांग है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए।

जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों के इर्द-गिर्द है। जब तक स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था को लेकर उठे इन सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही मिल सकेगा।

नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो और उपलब्ध दावों पर आधारित है। वीडियो की सत्यता तथा आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही संभव होगी।

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