Ramgarh News: रांची के छात्र आंदोलन और खनिज सेस बिल पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह का बड़ा बयान, बोलीं- बातचीत से निकलेगा समाधान

Ramgarh: रांची में चल रहे JPSC और JSSC छात्र आंदोलन तथा केंद्र सरकार के खनिज सेस बिल को लेकर झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने रामगढ़ में सरकार का रुख साफ किया। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं मंत्री ने झंडोत्तोलन के बाद छात्रों से आंदोलन समाप्त कर सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की। वहीं, केंद्र के नए खनिज कानून को लेकर उन्होंने राज्य के आर्थिक हितों पर असर पड़ने की बात कही।

छात्रों से लगातार संपर्क, समाधान का भरोसा

मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि छात्र संगठनों से विभिन्न माध्यमों के जरिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार के स्तर पर छात्रों की जिन मांगों का समाधान संभव था, उन पर शत-प्रतिशत काम किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बाकी मुद्दों पर भी एक बार फिर बातचीत होगी, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

CBI जांच और CGL परीक्षा पर भी चर्चा

छात्र आंदोलन से जुड़े सीबीआई (CBI) जांच और सीजीएल (CGL) परीक्षा रद्द करने जैसे मुद्दों पर मंत्री ने कहा कि सरकार के स्तर पर इन विषयों पर चर्चा चल रही है। उन्होंने खुद को संबंधित कमेटी का सदस्य बताते हुए कहा कि मामला न्यायिक प्रकृति का है और कई अभ्यर्थियों की नियुक्तियां भी हो चुकी हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार पूरे मामले का सकारात्मक रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ें और आंदोलन समाप्त करें।

खनिज विधेयक को लेकर केंद्र पर निशाना

केंद्र सरकार के ‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को लेकर दीपिका पांडे सिंह ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार और झामुमो इस विधेयक को राज्य के आर्थिक अधिकारों के लिए गंभीर विषय मानते हैं।

राज्य सरकार के अनुमान के मुताबिक, नए प्रावधानों के चलते झारखंड को खनिज राजस्व में करीब 14,656 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। सरकार का कहना है कि इसका सीधा असर राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बजट पर पड़ सकता है।

योजनाओं के बजट पर असर की आशंका

मंत्री ने कहा कि खनिज राजस्व में कमी का असर केवल सरकारी खजाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी इसका दबाव पड़ सकता है।

  • मंइयां सम्मान और अबुआ आवास जैसी योजनाओं के बजट पर असर की आशंका।
  • पेंशन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े खर्चों पर भी वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

हर स्तर पर आंदोलन की चेतावनी

दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस विधेयक को वापस नहीं लेती है तो झारखंड में व्यापक विरोध किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि विरोध को जिले से लेकर प्रखंड, पंचायत और शहर स्तर तक ले जाया जाएगा। कांग्रेस ने भी विधेयक को राज्यों की आर्थिक स्वायत्तता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखा देशभक्ति का रंग

रामगढ़ में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान स्कूली बच्चों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ जिले में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को भी मंत्री ने सम्मानित किया। समारोह के दौरान देशभक्ति का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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