Ramgarh: रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के भदानी नगर ओपी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दोमुहानी के समीप आवागमन के लिए बनाए गए डायवर्सन का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। सड़क टूटने के बाद रास्ता दो हिस्सों में बंट गया है और दोनों ओर रहने वाले लोगों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
12 गांवों की राह हुई मुश्किल
डायवर्सन के बह जाने से करीब 12 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों से प्रभावित हुआ है। रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने वाले ग्रामीणों को अब परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि कई लोग मजबूरी में पानी के बीच से होकर दूसरी तरफ जाने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस से पहले बच्चों की बढ़ी चिंता
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद रहने से गांव के स्कूली बच्चे स्कूलों में होने वाले ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाएंगे। इससे बच्चों और अभिभावकों में मायूसी है। ग्रामीण चाहते हैं कि किसी भी तरह जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ता तैयार कर आवागमन शुरू कराया जाए।
पुल निर्माण की धीमी रफ्तार पर सवाल
स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण करा रही के. के. बिल्डर कंपनी के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन काम की रफ्तार बेहद धीमी रही। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा कर लिया जाता तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती।
हालांकि, कंपनी की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष इस रिपोर्ट में सामने नहीं आया है।
भारी वाहनों को लेकर भी नाराजगी
डायवर्सन बहने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर वे पहले भी प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। उनका आरोप है कि बार-बार आग्रह के बावजूद इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान तेज पानी और वाहनों के दबाव ने डायवर्सन की स्थिति और खराब कर दी।
ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
ग्रामीण जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पुल का काम काफी धीमी गति से चल रहा है और इसका खामियाजा आसपास के 12 गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि रास्ते को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और निर्माण कार्य में लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
फिलहाल दोनों छोर पर लोगों की आवाजाही बाधित है। ग्रामीण प्रशासन से तत्काल डायवर्सन की मरम्मत कराने और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। अब निगाह इस बात पर है कि जिला प्रशासन कब तक रास्ता बहाल करता है और पुल निर्माण में देरी तथा डायवर्सन की स्थिति को लेकर सामने आए ग्रामीणों के आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है।










